भरत तिवारी मुठभेड़ मामले में भड़काऊ पोस्ट पर उत्तर प्रदेश के व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होगी
भरत तिवारी मुठभेड़ मामले में भड़काऊ पोस्ट पर उत्तर प्रदेश के व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होगी
आरा, 30 जून (भाषा) बिहार के भोजपुर जिले में चर्चित भरत तिवारी मुठभेड़ मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने के आरोप में उत्तर प्रदेश के रायबरेली निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
भोजपुर पुलिस की ओर से जारी बयान के अनुसार, रायबरेली निवासी दीपक दीक्षित उर्फ पंडित द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट का संज्ञान लिया गया है। आरोप है कि उसने भोजपुर में हुई भरत तिवारी मुठभेड़ के संबंध में पुलिस अधिकारियों की हत्या की खुलेआम धमकी दी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के बयान हिंसक और भड़काऊ हैं। उसका लंबा आपराधिक इतिहास रहा है तथा मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में उसके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
भोजपुर पुलिस ने दावा किया कि दीपक दीक्षित के खिलाफ मध्यप्रदेश में दुष्कर्म, छेड़खानी और ब्लैकमेल सहित कई मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर पुलिस अधिकारियों की हत्या की धमकी देने और भोजपुर के पुलिस अधीक्षक को चुनौती देने वाले पोस्ट के आधार पर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि स्थानीय सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता भरत तिवारी, जिन्हें प्रशासन ने ‘‘मानसिक रूप से अस्थिर’’ बताया था, 17 जून को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे। पुलिस के अनुसार, एक टीम सोशल मीडिया पोस्ट के संबंध में उनसे पूछताछ के लिए उनके घर पहुंची थी, जहां यह मुठभेड़ हुई।
इस घटना को लेकर व्यापक जनाक्रोश देखने को मिला, जिसके बाद बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने न्यायिक जांच के आदेश दिए।
वहीं, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मांग की है कि मामले की जांच पटना उच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश के बजाय कार्यरत न्यायाधीश से कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो उनकी पार्टी आंदोलन शुरू करेगी।
प्रशांत किशोर ने पिछले सप्ताह भरत तिवारी के गांव का दौरा कर उनके परिजनों से मुलाकात की थी और एक जनसभा को भी संबोधित किया था। उन्होंने यह भी मांग की थी कि उन ‘‘बड़े लोगों’’ के खिलाफ कार्रवाई की जाए, जिन्होंने कथित तौर पर भोजपुर पुलिस को गोली चलाने की अनुमति दी थी।
भाषा
कैलाश रवि कांत

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