कोच्चि, 29 सितंबर (भाषा) फोर्ट कोच्चि में यहूदी विरासत की पहचान रहे ऐतिहासिक कोडर हाउस में मंगलवार शाम आग लग गई, जिसके बाद दमकल और बचाव दल के कर्मी इस ऐतिहासिक इमारत में पहुंचे।
पुलिस ने बताया कि टावर रोड स्थित ईंट से बनी लाल रंग की इस तीन मंजिला इमारत में शाम करीब छह बजकर 50 मिनट आग लगी। यह इमारत कभी प्रमुख यहूदी कोडर परिवार का घर था।
अधिकारियों ने बताया कि फोर्ट कोच्चि और आसपास के विभिन्न केंद्रों से दमकल एवं बचाव सेवा के कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर काबू पाया।
अधिकारियों ने आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई है।
आग से कितना नुकसान हुआ, इसका तत्काल पता नहीं चल सका।
पूर्व कोच्चि महापौर के. जे. सोहन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि इमारत के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए नुकसान का आकलन केवल आर्थिक आधार पर नहीं किया जा सकता।
कोडर हाउस का इतिहास 19वीं सदी से जुड़ा है, जब इसे पुर्तगाली हवेली के रूप में बनाया गया था।
वर्ष 1905 में प्रमुख कोचीन यहूदी परिवार के सदस्य सैमुअल एस. कोडर ने इस इमारत को खरीदा और इसका जीर्णोद्धार कराया, जिससे इसे विशिष्ट इंडो-यूरोपीय वास्तुशिल्प स्वरूप मिला।
सैमुअल कोडर कोचीन इलेक्ट्रिक कंपनी चलाते थे और उन्होंने नीदरलैंड के मानद वाणिज्यदूत के तौर पर भी काम किया। वह फ्रीमेसन संगठन की कोचीन शाखा की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका में थे।
यह इमारत कोडर परिवार के पास तब तक रही जब तक सैमुअल कोडर के पोते-पोतियों में से एक ने इसे बेच नहीं दिया।
इमारत की वास्तुकला में यूरोपीय और भारतीय शैलियों का मिश्रण देखने को मिलता है। इसके विशाल कमरे, समुद्र की ओर खुलने वाली खिड़कियां, लकड़ी के फर्श, नक्काशीदार फर्नीचर और बरामदे इसकी विशिष्ट विशेषताओं में शामिल हैं।
यह हवेली बड़ी कांच वाली खिड़कियों के लिए जानी जाती है। माना जाता है कि इनमें लगा कांच बेल्जियम से आयात किया गया था। इसकी फर्श की टाइलें शतरंज की बिसात के तरीके से लगाई गई हैं।
तीनों मंजिलों पर बनी सागौन की लकड़ी की चौड़ी सीढ़ियां और बड़े बड़े खुले स्थान इस इमारत की खासियत हैं।
भाषा
राखी माधव
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