मणिपुर सरकार-यूएनसी के बीच बातचीत का पहला दौर ‘सफल व सौहार्दपूर्ण’ रहा : प्रवक्ता
मणिपुर सरकार-यूएनसी के बीच बातचीत का पहला दौर ‘सफल व सौहार्दपूर्ण’ रहा : प्रवक्ता
सेनापति/इंफाल, 10 अगस्त (भाषा) मणिपुर सरकार और यूनाइटेड नगा काउंसिल (यूएनसी) के बीच बातचीत का पहला दौर “सफल और सौहार्दपूर्ण” रहा, जिसमें दोनों पक्ष नगा संगठन द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान खोजने के लिए बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए। सरकार के एक प्रवक्ता ने सोमवार को यह जानकारी दी।
सेनापति जिला मुख्यालय में बातचीत हुई, जहां उप मुख्यमंत्री एल. दिखो और गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम के नेतृत्व में मंत्रियों और विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने यूएनसी प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की।
सरकार के प्रवक्ता थोकचोम राधेश्याम ने इस बैठक को “बातचीत की शुरुआत” बताया और कहा कि आगे भी बातचीत के दौर होंगे।
उन्होंने संवाददाताओं को बताया, “आज, यूनाइटेड नगा काउंसिल और उप मुख्यमंत्री तथा प्रदेश के गृह मंत्री के नेतृत्व में मणिपुर सरकार के प्रतिनिधि कई मुद्दों पर चर्चा करने और उनका समाधान खोजने के लिए यहां (सेनापति) आए। हमारी बातचीत बहुत अच्छी और सौहार्दपूर्ण रही। यह बातचीत का पहला दौर था और समाधान खोजने के लिए आगे भी बातचीत का सिलसिला जारी रहेगा।”
राधेश्याम ने कहा, “बातचीत अभी शुरू ही हुई है और नतीजे कई दौर की चर्चाओं के बाद ही आएंगे। फिर भी, आज की बैठक से बातचीत की शुरुआत तो हुई है। आइए, नतीजों का इंतजार करते हैं।”
कुकी उग्रवादी समूहों के साथ संघर्ष विराम समझौते को रद्द करने की मांग पर उन्होंने कहा, “यह भारत सरकार की नीति है। मणिपुर भारत का हिस्सा है और हमें केंद्र की नीति और फैसले का पालन करना होगा।”
हालांकि, यूएनसी के अध्यक्ष एनजी लोर्हो ने कहा कि जब तक उनकी चार सूत्री मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक संगठन राष्ट्रीय राजमार्ग पर नाकेबंदी नहीं हटाएगा।
बैठक के बाद लोर्हो ने पत्रकारों से कहा, “हमने मंत्रियों और विधायकों के साथ शांति लाने के तरीकों पर चर्चा की। हमने अपनी चार सूत्री मांगों पर बात की और हम उन पर कायम हैं। जब तक ये मांगें पूरी नहीं हो जातीं, हम नाकेबंदी खत्म नहीं करेंगे।”
उन्होंने कहा कि सरकार ने यूएनसी से नाकेबंदी हटाने की अपील की है, लेकिन चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो संगठन “और कड़े कदम” उठा सकता है।
यूएनसी कुकी उग्रवादी गुटों के साथ संघर्ष विराम समझौते को रद्द करने, कुकी नेशनल फ्रंट-प्रेसिडेंट (केएनएफ-पी) को आतंकवादी संगठन घोषित करने, उप मुख्यमंत्री को पद से हटाने और छह नगा नागरिकों की हत्या में कथित तौर पर शामिल केएनएफ-पी के सदस्यों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।
भाषा प्रशांत दिलीप
दिलीप

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