साढ़े पांच करोड़ रु जीएसटी रिफंड धोखाधड़ी में दिल्ली के तीन कर अधिकारियों सहित पांच गिरफ्तार

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साढ़े पांच करोड़ रु जीएसटी रिफंड धोखाधड़ी में दिल्ली के तीन कर अधिकारियों सहित पांच गिरफ्तार

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  • Publish Date - July 21, 2026 / 07:52 PM IST,
    Updated On - July 21, 2026 / 07:52 PM IST

नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने लगभग 5.50 करोड़ रुपये के माल एवं सेवा कर (जीएसटी) रिफंड से जुड़ी कथित धोखाधड़ी मामले में दिल्ली सरकार के व्यापार और कर विभाग के तीन अधिकारियों और दो निजी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

एसीबी ने एक बयान में कहा कि आरोपियों की पहचान जीएसटी अधिकारी अजीत सिंह, जीएसटी निरीक्षक अटल भारद्वाज, अवर श्रेणी लिपिक (एलजीसी) हिमांशु मलिक और निजी व्यक्ति अजय कुमार और आशीष मिश्रा के रूप में की गई है।

एसीबी के अनुसार, जीएसटी रिफंड दावों की प्रक्रिया और मंजूरी में कथित अनियमितताओं को लेकर व्यापार और कर विभाग की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था।

जांच से पता चला कि कथित तौर पर वैधानिक प्रावधानों और निर्धारित विभागीय प्रक्रियाओं का उल्लंघन कर रिफंड मंजूर किया गया था।

बयान के मुताबिक, अनिवार्य सत्यापन और वित्तीय जांच की प्रक्रिया को दरकिनार किया गया। आरोप है कि दावों के निपटारे के लिए फर्जी दस्तावेज और नकली तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया तथा उन्हें असामान्य रूप से कम समय में मंजूरी दे दी गई। इससे सरकारी खजाने को करीब 5.50 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा।

एसीबी के अनुसार, अपराध की कथित आय का एक हिस्सा आरोपी सरकारी अधिकारियों में से एक के परिवार के सदस्यों को हस्तांतरित किया गया था और इसका इस्तेमाल दिल्ली के रोहिणी इलाके में दो फ्लैट खरीदने के लिए किया गया था।

इसने कहा कि एक सक्षम अदालत के आदेश के बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत कथित तौर पर अपराध की आय का उपयोग करके खरीदी गई संपत्तियों को कुर्क किया गया है।

एसीबी ने कहा कि साजिश में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करने, अपराध की शेष आय का पता लगाने और डिजिटल और वित्तीय साक्ष्य की जांच करने के लिए तफ्तीश जारी है।

भाषा नोमान नोमान नरेश

नरेश