कोलकाता, 25 जून (भाषा) कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम के ढह जाने के बाद उसके मलबे में दबे पांच और लोगों को बृहस्पतिवार को बाहर निकाल लिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले पांच लोगों को मृत घोषित किया जा चुका है, जबकि 25 घायल लोगों का उपचार चल रहा है।
उन्होंने बताया कि हादसे के 18 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कई लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘आज बचाए गए लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है और चिकित्सक उनकी स्थिति का आकलन कर रहे हैं। मलबे में फंसे लोगों का जल्द से जल्द पता लगाने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों को लगाया गया है। अभियान अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चलाया जा रहा है, लेकिन राहत एवं बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं।’’
उन्होंने बताया कि राहत एवं बचाव अभियान पूरी रात जारी रहा। इस दौरान दलों ने लोहे की बीमों और कंक्रीट के बड़े-बड़े स्लैब के नीचे जीवित लोगों की तलाश के लिए खोजी कुत्तों, तापीय पहचान उपकरणों तथा विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘हम अत्यधिक सावधानी के साथ आगे बढ़ रहे हैं क्योंकि ढहे हुए ढांचे की स्थिति अस्थिर बनी हुई है।’’
राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के लिए राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और नेता घटनास्थल पर मौजूद रहे, जिनमें स्वास्थ्य मंत्री शरद्वत मुखर्जी और गृह सचिव संघमित्रा घोष शामिल हैं।
इस बीच, पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से तीन लोगों को बुधवार को गिरफ्तार किया गया था, जबकि पांच अन्य को शहर के विभिन्न स्थानों पर रातभर चली छापेमारी के बाद पकड़ा गया।
कोलकाता पुलिस ने इस घटना की जांच के लिए एसीपी (अपराध) कुणाल अग्रवाल की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बाद में राज्य विधानसभा में इस घटना पर बयान देने की संभावना है।
भाषा तान्या वैभव
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