भोपाल। Madhya Pradesh Conclave 2026: विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए सरकार, उद्योग जगत, शिक्षा संस्थानों और समाज को मिलकर कार्य करना होगा। यह विचार सेज समूह के संस्थापक अध्यक्ष एवं पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मध्यप्रदेश अध्याय के अध्यक्ष इंजी संजीव अग्रवाल ने विकसित मध्यप्रदेश कॉन्क्लेव 2026 में व्यक्त किए जिसका आयोजन भोपाल में हुआ।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदेश का वास्तविक विकास केवल आर्थिक आंकड़ों से नहीं, बल्कि शिक्षा, उद्योग, नवाचार और जनभागीदारी के समन्वय से होता है। मध्यप्रदेश के पास प्रतिभाशाली युवा, संसाधन और विकास की अपार संभावनाएं हैं, जो प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की क्षमता रखते हैं। इंजी अग्रवाल ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार की संस्कृति ही विकसित मध्यप्रदेश की मजबूत नींव है। सरकार, उद्योग और शिक्षा संस्थानों के संयुक्त प्रयासों से युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर तैयार होंगे।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
Madhya Pradesh Conclave 2026मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी प्रदेश के विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने के लिए उद्योग निवेश, रोजगार सृजन, कौशल विकास और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। सरकार उद्योगों और युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है।
Madhya Pradesh Conclave 2026 उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्टार्टअप, औद्योगिक विकास, अधोसंरचना और रोजगार के क्षेत्र में निरंतर प्रयासों से मध्यप्रदेश विकास की नई मिसाल कायम करेगा। कार्यक्रम में प्रदेश के एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप, पीडबल्यूडी मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित उद्योग, फॉरेन डेलीगेट्स, कॉर्पोरेट व शिक्षा एवं प्रशासन क्षेत्र की प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं।
यह कॉन्क्लेव भोपाल में आयोजित किया गया, जिसमें उद्योग, शिक्षा और प्रशासन क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।
संजीव अग्रवाल ने विकसित मध्यप्रदेश के लिए क्या सुझाव दिए?
उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और जनभागीदारी को विकसित मध्यप्रदेश की मजबूत नींव बताया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा कि राज्य को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए निवेश, रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे के विस्तार पर लगातार काम किया जा रहा है।
कॉन्क्लेव में किन क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया?
स्टार्टअप, औद्योगिक विकास, कौशल विकास, अधोसंरचना और रोजगार सृजन जैसे विषयों पर विशेष चर्चा हुई।
कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुए?
कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिनिधि, विदेशी डेलीगेट्स, शिक्षा एवं प्रशासन क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।