अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग जिले में अचानक बाढ़, भूस्खलन से भारी तबाही

अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग जिले में अचानक बाढ़, भूस्खलन से भारी तबाही

अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग जिले में अचानक बाढ़, भूस्खलन से भारी तबाही
Modified Date: June 30, 2026 / 05:46 pm IST
Published Date: June 30, 2026 5:46 pm IST

ईटानगर, 30 जून (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग जिले के 14 गांवों में अचानक बाढ़ आने और भूस्खलन से 3,100 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी (डीआईपीआरओ) ऑगस्टी जामोह ने बताया कि इस आपदा से नारी-कोयू विधानसभा क्षेत्र में धान के खेतों, निजी संपत्ति और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

तबिरीपो साकू, लोग्लू, रोटे, रामे और कोयू समेत कई गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है जिससे लगभग 500 परिवार अलग-थलग पड़ गए हैं। हालांकि, अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

जामोह ने बताया कि जिला प्रशासन ने सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), राज्य पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवकों ने राहत अभियान शुरू किया और वे सड़क संपर्क बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं।

कुरंग कुमे के डीआईपीआरओ डेविड कोयू ने बताया कि इलाके का एक बड़ा हिस्सा बाढ़ में बह गया जिससे धान के खेतों, बागानों और कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है जो कि स्थानीय लोगों की आजीविका का मुख्य साधन हैं। कोयू प्रभावित रोटे गांव के निवासी हैं।

उन्होंने बताया कि बाढ़ में कई वाहन बह गए और बड़ी संख्या में सूअर और मुर्गियों समेत कई पशु भी मारे गए।

आपदा के कारण ग्रामीणों को अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थान पर शरण लेना पड़ा जहां कई लोग फंसे हुए हैं। कोयू ने बताया कि इस बीच दो मकान जलकर नष्ट हो गए, हालांकि उन मकानों के निवासी वहां मौजूद नहीं थे।

उन्होंने बताया कि रोटे गांव का झूला पुल बह गया और वहां तक जाने वाली सड़कें और पुलिया बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे गांव का संपर्क पूरी तरह कट गया। गांव की जलापूर्ति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है जबकि बिजली के खंभे और बिजली की लाइनें बाढ़ के पानी में बह गईं।

स्थानीय लोगों और छात्र संगठनों ने सरकार से सड़क संपर्क को तुरंत बहाल करने, एक अस्थायी पुल बनाने, अनाज की आपूर्ति करने और पीने के पानी व बिजली की सुविधा फिर से शुरू करने की अपील की है।

अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास की सुविधा देने के लिए नुकसान का व्यापक आकलन भी किया जा रहा है।

भाषा

सुरभि नरेश

नरेश


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