केरल के कुछ हिस्सों में बाढ़ का पानी कम हुआ, पांच जिलों में ‘ऑरेंज’ अलर्ट

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केरल के कुछ हिस्सों में बाढ़ का पानी कम हुआ, पांच जिलों में ‘ऑरेंज’ अलर्ट

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  • Publish Date - August 6, 2026 / 11:41 AM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 11:41 AM IST

तिरुवनंतपुरम, छह अगस्त (भाषा) भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बृहस्पतिवार को केरल के पांच जिलों में मध्यम बारिश होने और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताते हुए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया।

इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ प्रभावित कई इलाकों में पानी कम होना शुरू हो गया है।

मौसम विज्ञान विभाग ने बृहस्पतिवार सुबह पत्तनमथिट्ठा, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की और एर्णाकुलम जिलों के लिए तीन घंटे का ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया।

विभाग के बयान के अनुसार, इन जिलों में अगले तीन घंटे के दौरान मध्यम बारिश होने और सतह पर हवा की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

अधिकारियों ने बताया कि पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम और एर्णाकुलम जिलों के कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी कम होना शुरू हो गया है।

हालांकि, अलप्पुझा जिले के अपर कुट्टनाड और कुट्टनाड क्षेत्रों में अब भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है लेकिन जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है।

अलप्पुझा जिला प्रशासन के अनुसार, चेरथला, अंबालापुझा, कुट्टनाड, कार्तिकप्पल्ली, मावेलिक्करा और चेंगन्नूर तालुकों में 118 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं।

इन राहत शिविरों में 5,012 परिवारों के कुल 14,646 लोग रह रहे हैं।

अलप्पुझा-चंगनास्सेरी और अंबालापुझा-तिरुवल्ला मार्ग समेत कई प्रमुख सड़कें अब भी जलमग्न हैं जिससे आवाजाही बाधित हो रही है।

जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है।

इससे पहले, मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार के लिए पत्तनमथिट्ठा, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, कन्नूर और कासरगोड जिलों में ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया था।

शुक्रवार के लिए मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया गया है।

‘ऑरेंज’ अलर्ट का अर्थ है- 115 से 204 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना।

केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों को तेज बारिश के दौरान नदियों और अन्य जलाशयों में नहीं जाने की सलाह दी है।

प्राधिकरण ने लोगों से तेज बारिश के दौरान गैर-जरूरी यात्रा से बचने और झरनों, जलाशयों एवं पर्वतीय पर्यटन स्थलों पर नहीं जाने का भी आग्रह किया।

वाहन चालकों को जलाशयों के पास की सड़कों और उन मार्गों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है जहां मरम्मत कार्य जारी है क्योंकि भारी बारिश में दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

भाषा

सिम्मी रंजन

रंजन