अल नीनो से तमिलनाडु के 12 जिलों के अधिक प्रभावित होने की आशंका, कार्ययोजना तैयार: कृषि मंत्री

Ads

अल नीनो से तमिलनाडु के 12 जिलों के अधिक प्रभावित होने की आशंका, कार्ययोजना तैयार: कृषि मंत्री

  •  
  • Publish Date - August 6, 2026 / 12:04 PM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 12:04 PM IST

चेन्नई, छह अगस्त (भाषा) तमिलनाडु के कृषि मंत्री आर. विनोद ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में कहा कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार सुपर अल नीनो की स्थिति के कारण राज्य के 12 जिलों के अधिक प्रभावित होने की आशंका है।

तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार का पहला कृषि बजट पेश करते हुए विनोद ने कहा कि यह बजट विभिन्न हितधारकों से विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा कृषि योजनाओं को जारी रखने के साथ नई पहल भी शुरू की जाएंगी।

मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय की कार्ययोजना लागू कर राज्य में सुपर अल नीनो से निपटने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि इस मौसमीय घटना के कारण पूरे देश में, विशेषकर कुरुवई फसल मौसम (जून-जुलाई और अगस्त की शुरुआत) के दौरान गंभीर असर पड़ने की आशंका है।

विनोद ने कहा, ‘‘पूर्वानुमान है कि तमिलनाडु के 12 जिले गंभीर रूप से प्रभावित होंगे। इसलिए तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय द्वारा सभी जिलों के लिए तैयार जिला कृषि आकस्मिक योजना जिलाधिकारियों को भेज दी गई है और आकस्मिक उपायों को समग्र रूप से लागू करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।’’

उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की सभी योजनाओं और तकनीकी परामर्श सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए आठ नए एकीकृत कृषि विस्तार केंद्रों का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक केंद्र में 300 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम होगा।

ये केंद्र तिरुवन्नामलाई, वेल्लोर जिले के कटपडी और गुडियाथम, तिरुचिरापल्ली जिले के मुसिरी, विरुधुनगर जिले के नरिकुडी, थेनी जिले के बोडिनायकनूर, तूतीकोरिन जिले के कायाथार और कोयंबटूर जिले के थोंडामुथुर में स्थापित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि इन केंद्रों की स्थापना केंद्र और राज्य सरकार की निधियों से 27.82 करोड़ रुपये की लागत से की जाएगी।

किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए वर्ष 2026-27 में 43,500 किसानों को तिरपाल वितरित किए जाएंगे, ताकि फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को रोका जा सके और कृषि उपज को बारिश व धूप से बचाते हुए सुखाने तथा सुरक्षित भंडारण में मदद मिल सके। इसके लिए राज्य निधि से 10 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।

लघु एवं सीमांत किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2026-27 में राज्य स्तरीय फसल उत्पादकता प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।

यह प्रतियोगिता मोटे अनाज, दलहन और तिलहन सहित 10 फसलों के लिए होगी। प्रत्येक फसल श्रेणी में सर्वाधिक उपज हासिल करने वाले शीर्ष तीन किसानों को क्रमशः 2.50 लाख रुपये, 1.50 लाख रुपये और एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। कुल 30 किसानों को पुरस्कार देने के लिए राज्य निधि से 50 लाख रुपये आवंटित किए जाएंगे।

राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2026-27 में सर्वश्रेष्ठ पांच जैविक किसानों को उनकी उत्कृष्ट खेती पद्धतियों के लिए पुरस्कार दिया जाएगा। प्रत्येक विजेता को दो लाख रुपये की नकद राशि दी जाएगी। इसके लिए राज्य निधि से 11 लाख रुपये आवंटित किए जाएंगे।

भाषा योगेश

योगेश