नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) राज्यसभा में बुधवार को कांग्रेस की रंजीत रंजन ने खाद्य पदार्थों के पैकेटों पर सामने वाले हिस्से में चीनी, नमक, वसा और एडिटिव की जानकारी स्पष्ट अक्षरों में रंग कोडेड प्रणाली के साथ अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किये जाने की मांग की।
शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए रंजीत रंजन ने कहा कि आज भारत एक गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहा है और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अनुसार, भारत में करीब दस करोड़ से अधिक लोग मधुमेह से पीड़ित हैं। ‘‘यह केवल एक आंकड़ा नहीं बल्कि एक चेतावनी है कि हमारी खान पान की आदतें हमें बीमार कर रही हैं।’’
उन्होंने कहा कि नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार, देश में हर चौथा वयस्क अधिक वजन और मोटापे से ग्रस्त है। ‘‘इससे साफ है कि यह समस्या केवल शहरों तक ही सीमित नहीं है। इसका मुख्य कारण स्पष्ट, समझने योग्य जानकारी का अभाव है। अभी पैकेटों में यह जानकारी, छोटे अक्षरों में, जटिल भाषा में पीछे के हिस्से में होती है और अस्पष्ट शब्दों में होती है जिसे आम उपभोक्ता समझ नहीं पाता।’’
उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ के अनुसार अधिक मात्रा में चीनी, नमक और अस्वस्थ वसा का सेवन उपभोक्ताओं में हृदय रोग, मधुमेह और उच्च रक्तचाप सहित कई गैर संचारी गंभीर बीमारियों की वजह होता है। ‘‘लेकिन विडंबना यह है कि घातक तत्व उत्पाद में छिपे रहते हैं और सामने नहीं आते। यहीं पर सामने की लेबलिंग अहम होती है और इसका असर जटिल आंकड़ों से अधिक होता है।
उनहोंने कहा ‘‘यदि पैकेट में सामने लाल, पीले, हरे रंग की चेतावनी से यह पता चल जाए कि उसके निर्माण में कौन से उत्पाद का उपयोग किया गया है तो उपभोक्ताओं के लिए चयन करने में आसानी होगी। आइसक्रीम में खतरनाक रसायन मिले होते हैं। इसी तरह टमाटर सॉस में कद्दू का गूदा मिला रहता है। रियल जूस के टेट्रा पैक में क्या रियल होता है, उसमें केवल चीनी का घोल रहता है।’’
उन्होंने मांग की कि चीनी, नमक, वसा और एडिटिव की जानकारी खाद्य सामग्री के पैकेट के सामने वाले हिस्से में बड़े शब्दों में दी जानी चाहिए ताकि उपभोक्ता आसानी से पढ़ सके।
रंजीत रंजन ने यह भी मांग कि कि खाद्य सामग्री में चीनी, नमक, वसा और एडिटिव की जानकारी अनिवार्य रूप से दिए जाने के संदर्भ में स्पष्ट प्रभारी नीति बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल उपभोक्ताओं को सशक्त बनाएगा बल्कि खाद्य कंपनियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित करेगा।
भाषा
मनीषा माधव
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