वन विभाग ने होशियारपुर में एक कारखाने पर छापा मारा, करोड़ों रुपये की खैर की लकड़ी जब्त की

वन विभाग ने होशियारपुर में एक कारखाने पर छापा मारा, करोड़ों रुपये की खैर की लकड़ी जब्त की

वन विभाग ने होशियारपुर में एक कारखाने पर छापा मारा, करोड़ों रुपये की खैर की लकड़ी जब्त की
Modified Date: August 18, 2026 / 07:54 pm IST
Published Date: August 18, 2026 7:54 pm IST

होशियारपुर, 18 अगस्त (भाषा) पंजाब वन विभाग ने मंगलवार को होशियारपुर के शिवालिक तलहटी क्षेत्र में कत्था बनाने वाली एक इकाई पर छापा मारकर उसे सील कर दिया और बड़ी मात्रा में खैर की लकड़ी जब्त की।

अधिकारियों को आशंका है कि यह लकड़ी जंगलों में अवैध कटाई और वन उपज की अवैध ढुलाई से जुड़ी हो सकती है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कार्रवाई होशियारपुर-टांडा मार्ग पर हरियाणा वन रेंज के तहत आने वाले सोथियाना गांव में की गई।

होशियारपुर के मंडल वन अधिकारी (डीएफओ) धर्मवीर डैरू ने बताया कि वन मंडल में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई की घटनाओं के बाद विभाग ने गश्त, निगरानी और प्रवर्तन अभियान तेज कर दिए।

उन्होंने बताया कि हाल की कार्रवाई के दौरान विभाग ने वन उपज की कथित अवैध ढुलाई में इस्तेमाल करीब 10 से 12 वाहन जब्त किए हैं और कई मामलों की जांच जारी है।

कत्था खैर के पेड़ की हर्टवुड (पेड़ के तने का सबसे अंदरूनी भाग) से तैयार किया जाने वाला अर्क है। खैर की लकड़ी अपनी मजबूती और टिकाऊपन के लिए जानी जाती है।

अधिकारियों के अनुसार, यह जांच पिछले सप्ताह होशियारपुर वन मंडल के सतियाल और बिछोई बीट में खैर के पेड़ों की कथित अवैध कटाई का पता चलने के बाद शुरू हुई। वन अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और लकड़ी ले जाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले संदिग्ध वाहन की आवाजाही का पता लगाया। इसके बाद जांच की कड़ी सोथियाना स्थित कत्था बनाने वाली इकाई तक पहुंची।

उप वन मंडल अधिकारी व्यंकटेश के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने रात में इकाई पर छापा मारा और उसे परिसर में बड़ी मात्रा में जमा खैर की लकड़ी मिली।

उन्होंने बताया कि जब्त लकड़ी की मात्रा और कीमत का अभी आकलन नहीं किया गया है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर बरामद लकड़ी की कीमत करोड़ों रुपये होने की आशंका है।

उन्होंने बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन खैर की लकड़ी का वैध स्रोत साबित करने के लिए अनुमति, ट्रांजिट पास, खरीद रिकॉर्ड या अन्य दस्तावेज पेश करने में कथित तौर पर विफल रहा। इसके बाद विभाग ने इकाई पर कार्रवाई कर संदिग्ध अवैध लकड़ी जब्त कर ली।

अधिकारी ने बताया कि विभाग लकड़ी के स्रोत का पता लगा रहा है और यह भी जांच की जा रही है कि क्या इसे आसपास के वन मंडलों या पड़ोसी हिमाचल प्रदेश से लाया गया था।

उन्होंने कहा कि लकड़ी के स्रोत और आपूर्ति शृंखला का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज, रिकॉर्ड, वाहनों की आवाजाही और परिवहन मार्गों की जांच की जा रही है।

भाषा राखी वैभव

वैभव


लेखक के बारे में