बरहामपुर (ओडिशा), एक सितंबर (भाषा) ओडिशा उच्च न्यायालय से सोमवार को सशर्त जमानत मिलने के बाद बीजद के पूर्व विधायक बिक्रम कुमार पांडा मंगलवार को बरहामपुर सर्किल जेल से रिहा हो गए। अधिकारियों ने बताया कि वह हत्या के एक मामले में 10 महीने से अधिक समय तक जेल में बंद थे।
अधिकारियों ने बताया पांडा को पिछले साल छह नवंबर को 15 अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था। इनमें बरहामपुर नगर निगम (बीईएमसी) के पूर्व महापौर शिव शंकर दास और बीजू जनता दल (बीजद) के पार्षद मालया बिसोई भी शामिल थे। इन सभी पर वरिष्ठ अधिवक्ता पीताबास पांडा की हत्या में कथित रूप से शामिल होने का आरोप है। पीताबास पांडा भाजपा के सक्रिय सदस्य भी थे।
उन्होंने बताया कि छह अक्टूबर 2025 को बाइक सवार दो बदमाशों ने बैद्यनाथपुर थाना क्षेत्र के बैकुंठ नगर में पीताबास पांडा के घर के पास उनको बेहद करीब से गोली मार दी थी, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पांडा की रिहाई के समय शाम करीब छह बजे बीजद के कई नेताओं ने जेल के मुख्य द्वार पर उनका स्वागत किया और उच्च न्यायालय के आदेश की सराहना की। इनमें पूर्व मंत्री देवी प्रसाद मिश्रा, प्रताप जेना, संजय दासबर्मा, बरहामपुर की महापौर संघमित्रा दलाई, चंद्रशेखर साहू, राज्यसभा सदस्य मानस मंगराज और कई अन्य नेता शामिल थे।
जेल से बाहर आने के बाद पांडा ने कहा, ‘‘मुझे न्यायपालिका पर विश्वास है और अदालत ने मेरी जमानत याचिका मंजूर कर ली है।’’
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प्रचेता माधव
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