कांग्रेस के पूर्व सांसद किरिप चालिहा लापरवाही से मौत का कारण बनने के मामले में बरी

कांग्रेस के पूर्व सांसद किरिप चालिहा लापरवाही से मौत का कारण बनने के मामले में बरी

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  • Publish Date - January 17, 2026 / 08:39 PM IST,
    Updated On - January 17, 2026 / 08:39 PM IST

नयी दिल्ली, 17 जनवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने कांग्रेस के पूर्व सांसद किरिप चालिहा को 2020 के उस मामले में बरी कर दिया है, जिसमें उन पर राष्ट्रीय राजधानी में उनके घर की मरम्मत के काम में शामिल एक मजदूर की लापरवाही से मौत का कारण बनने का आरोप लगाया गया था।

अदालत ने कहा कि चालिहा पर लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा मित्तल वसंत कुंज दक्षिण पुलिस थाने में चालिहा और आबिद अली नामक एक ठेकेदार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा-304 ए (लापरवाही से मौत का कारण बनना) और 288 (भवनों को गिराने या मरम्मत के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण) के तहत दर्ज मामले की सुनवाई कर रही थीं।

शिकायत के मुताबिक, मोसारुल गेन नामक मजदूर चालिहा के वसंत कुंज स्थित फ्लैट में मरम्मत के काम में शामिल था, तभी इमारत की दीवार ढह गई, जिससे एक जून 2020 को उसकी मौत हो गई।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि चालिहा और अली मजदूर को हेलमेट सहित अन्य सुरक्षा उपकरण मुहैया कराने में विफल रहे थे।

अदालत ने पिछले साल 16 दिसंबर को पारित आदेश में कहा, “वर्तमान मामले में, आरोपी-2 (चालिहा) के फ्लैट में नवीनीकरण, मरम्मत या निर्माण कार्य ठेकेदार या आरोपी-1 की सीधी देखरेख में किया जा रहा था।”

आदेश में कहा गया है कि पूर्व सांसद प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मरम्मत कार्य का प्रबंधन या उसमें हस्तक्षेप नहीं कर रहे थे।

इसमें कहा गया है, “घटना में आरोपी-1 की लापरवाही और असावधानी के बारे में जरा भी संदेह नहीं है, क्योंकि वह ठेकेदार था। हालांकि, आरोपी-1 की आपराधिक जिम्मेदारी आरोपी-2 पर परोक्ष रूप से नहीं थोपी जा सकती।”

भाषा पारुल धीरज

धीरज