(तस्वीरों के साथ)
गुवाहाटी, 17 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को यहां बोडो समुदाय का पारंपरिक बागुरुम्बा नृत्य देखा। इस नृत्य कार्यक्रम में 10,000 से अधिक कलाकारों ने भाग लिया।
दो दिवसीय दौरे पर असम पहुंचे मोदी ने कहा कि यह कार्यक्रम बोडो संस्कृति का जश्न है और समुदाय की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।
प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया,‘‘यह कार्यक्रम महान बोडो संस्कृति का जश्न है। केंद्र और असम की राजग सरकारें बोडोफा उपेंद्रनाथ ब्रह्मा के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही हैं।’’
बोडो समुदाय के सम्मानित नेता ब्रह्मा का 1990 में 34 वर्ष की आयु में एक असाध्य बीमारी से निधन हो गया। उन्हें मरणोपरांत ‘बोडोफा’ (बोडोओं के संरक्षक) की उपाधि से सम्मानित किया गया।
मोदी के साथ राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य और मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा एवं अन्य लोगों ने यह नृत्य देखा।
‘बागुरुम्बा द्वौ 2026’ नामक यह प्रस्तुति यहां सरुसजाई क्षेत्र में अर्जुन भोगेश्वर बरुआ स्टेडियम में हुई।
इस कार्यक्रम में 23 जिलों के 81 विधानसभा क्षेत्रों से आए लगभग 8,000 नर्तकों सहित 10,000 से अधिक कलाकारों ने भाग लिया।
असम के सबसे बड़े मूल समुदायों में एक बोडो का लोक नृत्य बागुरुम्बा की जड़े प्रकृति में गहराई से निहित है। यह खिलते फूलों तथा मानव जीवन और प्राकृतिक दुनिया के बीच सामंजस्य का प्रतीक है।
ब्विसागु, बोडो नव वर्ष और डोमासी जैसे त्योहारों से घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ, बागुरुम्बा शांति, उर्वरता, आनंद और सामूहिक सद्भाव का प्रतीक है।
भाषा राजकुमार माधव
माधव