इंफाल, 24 सितंबर (भाषा) मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने बृहस्पतिवार को हिंसा प्रभावित राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए ‘सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस’ (एसओओ) समझौते के तहत आने वाले कैडरों और शांति वार्ता में शामिल समूहों की पहचान एवं सत्यापन तथा राज्यभर में व्यापक तलाश अभियान चलाने की मांग की।
सिंह ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, ‘वर्ष 2017 में मेरे मुख्यमंत्री बनने के बाद कई सकारात्मक बदलाव और विकास हुए। हालांकि, तीन मई 2023 को एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। इतने वर्षों में सामूहिक प्रयासों से स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हुई थी।’
सिंह ने कहा कि मतभेदों के कारण उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा और इसके बाद 2025 में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया।
उन्होंने कहा, ‘नयी सरकार के आने पर सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीद थी लेकिन फरवरी में दो लोगों के बीच का विवाद दो समुदायों के बीच झड़प में बदल गया।’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके कार्यकाल में अवैध प्रवासियों की पहचान करने, राज्य को नशामुक्त बनाने और मूल निवासियों का भविष्य सुरक्षित करने पर ध्यान दिया गया।
सिंह ने बताया कि उन्होंने राज्यपाल से स्थिति से निपटने के लिए ‘‘कुछ ठोस’’ कदम उठाने की जरूरत पर चर्चा की।
उन्होंने एसओओ समझौते के तहत कैडरों और शांति वार्ता में शामिल लोगों की पहचान और सत्यापन के साथ उपद्रवियों पर नियंत्रण का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि सत्यापन किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि राज्य के सभी समुदायों से जुड़े कैडरों का किया जाना चाहिए।
एसओओ केंद्र, मणिपुर सरकार और कई कुकी तथा जोमी उग्रवादी समूहों के बीच त्रिपक्षीय समझौता है।
भाषा राखी अविनाश
अविनाश