उच्च न्यायालय ने तलब किया लखनऊ में जल निकासी व्यवस्था का ब्योरा

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उच्च न्यायालय ने तलब किया लखनऊ में जल निकासी व्यवस्था का ब्योरा

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  • Publish Date - September 24, 2026 / 11:42 PM IST,
    Updated On - September 24, 2026 / 11:42 PM IST

लखनऊ, 24 सितंबर (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने राज्य की राजधानी लखनऊ की जल निकासी व्यवस्था का विस्तृत ब्योरा तलब करते हुए अधिकारियों को पानी की निकासी के लिए व्यापक योजना तैयार करने का निर्देश दिया है।

अदालत ने कहा कि यदि ऐसी कोई योजना नहीं है तो विशेषज्ञ संस्था की मदद से इसे तत्काल तैयार किया जाए।

न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने यह निर्देश लखनऊ की यातायात व्यवस्था से संबंधित सूरज सिंह विसेन की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।

अदालत ने कहा कि बारिश के दौरान जलभराव के कारण शहर में यातायात प्रभावित होता है और मौजूदा व्यवस्था से पानी की निकासी में काफी समय लगता है।

पीठ ने लखनऊ नगर निगम को अगली सुनवाई में यह बताने को कहा कि क्या भविष्य में जल निकासी से संबंधित कार्यों के लिए कोई समग्र योजना मौजूद है।

सुनवाई के दौरान ई-रिक्शा के संचालन को नियंत्रित करने का मुद्दा उठा जिस पर राज्य सरकार ने बताया कि वह इस संबंध में केंद्र के जवाब का इंतजार कर रही है और कुछ मार्गों पर ई-रिक्शा का संचालन सीमित करने व परमिट जारी करने की व्यवस्था को नियंत्रित करने पर भी विचार किया जा रहा है।

अदालत को बताया गया कि यातायात में बाधा बन रहे कई अतिक्रमण हटाए गए हैं, लेकिन दोबारा अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है।

अधिकारियों ने कहा कि दोबारा अतिक्रमण होने पर राज्य की 2012 की नीति के तहत पुलिस को सूचना देकर कार्रवाई की जाती है।

खंडपीठ ने व्यावसायिक भवनों में भूमिगत पार्किंग का प्रभावी इस्तेमाल नहीं होने पर भी सवाल उठाया।

अदालत ने लखनऊ विकास प्राधिकरण और अन्य संबंधित एजेंसियों से पूछा कि स्वीकृत भूमिगत पार्किंग का प्रभावी उपयोग कैसे सुनिश्चित किया जा सकता है, क्योंकि मुख्य सड़कों पर वाहनों के खड़े होने से यातायात बाधित होता है।

अदालत ने यातायात पुलिस, लखनऊ नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधियों को अगली सुनवाई में उपस्थित रहने का निर्देश दिया।

मामले की अगली सुनवाई पांच अक्टूबर को होगी।

भाषा सं सलीम खारी

खारी