निजी स्कूलों की मंजूरी में धोखाधड़ी मामले में पूर्व मंत्री महेश से पुलिस ने पूछताछ की
निजी स्कूलों की मंजूरी में धोखाधड़ी मामले में पूर्व मंत्री महेश से पुलिस ने पूछताछ की
चेन्नई, 18 सितंबर (भाषा) तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी शुक्रवार को ‘चेन्नई सेंट्रल क्राइम ब्रांच’ पुलिस के सामने पेश हुए और उनसे निजी विद्यालयों को मंजूरी दिलाने में हुई धोखाधड़ी के मामले में पूछताछ की गई।
राज्य की मुख्य विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता महेश के खिलाफ सीसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। वह अपने वकीलों के साथ सीसीबी कार्यालय पहुंचे।
जांच एक शिकायत के आधार पर शुरू हुई है, जो ग्रेटर चेन्नई पुलिस आयुक्त को दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि निजी स्कूल प्रबंधन से स्थायी सरकारी मान्यता दिलाने का वादा कर करोड़ों रुपये वसूले गए।
सीसीबी अधिकारियों ने मामला दर्ज करने के बाद इस कथित वसूली और विश्वासघात में शामिल होने के आरोप में बीटी अरासाकुमार, सुरेश और राजा नामक तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पोय्यामोझी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘जांच में पुष्टि हुई है कि इस मामले में अब तक प्रभावित निजी स्कूलों से कुल करीब 18 करोड़ रुपये एकत्र किए गए हैं और विश्वासघात किया गया है।’
अनबिल महेश से दिन भर लंबी पूछताछ की गई।
पुलिस के बयान के अनुसार, उनसे हालिया तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजी साक्ष्यों के बारे में भी पूछताछ की गई और उनके बयान जांच रिकॉर्ड में दर्ज किए गए।
पूछताछ देर शाम तक चली।
बाद में पत्रकारों से बातचीत में अनबिल महेश ने कहा कि उनसे आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई और उनसे 246 सवाल पूछे गए।
उन्होंने कहा, ‘मैंने धैर्यपूर्वक 295 में से 246 सवालों के जवाब दिए। मुझे अगले सप्ताह फिर पेश होने और बाकी सवालों के जवाब देने के लिए कहा गया है।’
इस बात पर जोर देते हुए कि जांच एक ‘झूठे मामले’ पर आधारित है, अनबिल महेश ने कहा कि वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे और अपनी बेगुनाही साबित करेंगे।
भाषा
शुभम नेत्रपाल
नेत्रपाल

Facebook


