बंगाल : संपत्ति हड़पने के मामले में तृणमूल के पूर्व विधायक अतिन घोष और बेटी पर मुकदमा

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बंगाल : संपत्ति हड़पने के मामले में तृणमूल के पूर्व विधायक अतिन घोष और बेटी पर मुकदमा

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  • Publish Date - June 24, 2026 / 03:38 PM IST,
    Updated On - June 24, 2026 / 03:38 PM IST

कोलकाता, 24 जून (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक अतिन घोष, उनकी बेटी और दामाद के खिलाफ संपत्ति हड़पने का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि पूर्व विधायक और उनकी बेटी तथा दमाद पर पूर्वी कोलकाता में करीब चार करोड़ रुपये कीमत के तीन-मंजिला बंगले और उससे सटी जमीन पर करीब नौ साल तक अवैध रूप से कब्जा रखने का आरोप है।

घोष और उनकी बेटी ने आरोपों से इनकार किया है।

कोलकाता के पूर्व उप महापौर की बेटी ने उन पर लगे आरोपों को बेबुनियाद करार देते हुए कहा कि वह ‘‘झूठे और दुर्भावनापूर्ण आरोपों’’ के लिए मानहानि का मुकदमा दायर करेंगी।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बिधाननगर की एक महिला व्यवसायी की शिकायत के आधार पर अतिन घोष, उनकी बेटी प्रियदर्शिनी घोष और उनके दामाद के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

शिकायतकर्ता कमलिनी पॉल ने आरोप लगाया कि पूर्वी कोलकाता के प्रगति मैदान इलाके में स्थित मकान और भूखंड को उनसे जबरन बाजार भाव से बहुत कम कीमत पर ले लिया गया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि घोष के खिलाफ जमीन हड़पने, आपराधिक धमकी देने, धोखाधड़ी और साजिश रचने समेत कई सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

शिकायतकर्ता ने कहा, ‘‘मेरे पिता ने महानगर में घर बनवाया था और मरने से पहले वसीयत के जरिए इसे मेरे नाम कर दिया था। अतिन घोष की बेटी को यह संपत्ति पसंद आ गई, जिसके बाद उसने हम पर इसे छोड़ने के लिए दबाव बनाया।’’

पॉल ने दावा किया कि अतिन घोष, उनकी बेटी और कई समर्थक उनके घर आए और कथित तौर पर उन्हें धमकाकर संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों पर जबरन हस्ताक्षर करवाए।

उन्होंने कहा, ‘‘वे मेरे घर आए, मुझे डराया-धमकाया और अपनी मौजूदगी में मुझसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए। उसके बाद वे कागज कभी मेरे पास नहीं रहे।’’

शिकायतकर्ता ने दावा किया, ‘‘उन्होंने मुझसे कहा कि उन्हें वह संपत्ति चाहिए और मेरे मना करने पर भी वे उसे ले लेंगे। मुझसे कहा गया कि मुझे उनके रसूख और ताकत का अंदाज़ा नहीं है। मेरे खाते में 50 लाख रुपये जमा किए गए। बाद में मैंने ब्याज के साथ पैसे लौटा दिए, लेकिन पैसे लेने के बजाय, उन्होंने कथित तौर पर इसे धोखाधड़ी वाला लेनदेन बताकर मेरा खाता बंद करवा दिया।’’

पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘हमें लिखित शिकायत मिली है और मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोप भूखंड और मकान का जबरन बैनामा कराने से जुड़े हैं।’’

अधिकारी ने बताया, ‘‘शिकायतकर्ता द्वारा जमा किए गए दस्तावेजी सबूतों की जांच की जा रही है और सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। मामले की जांच चल रही है।’’

उन्होंने बताया कि शिकायत शुरू में कोलकाता पुलिस के प्रगति मैदान पुलिस थाने में दर्ज कराई गई थी और बाद में जांच के लिए इसे बिधाननगर उत्तर पुलिस थाना भेज दिया गया, क्योंकि यह संपत्ति उसके अधिकार क्षेत्र में आती है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘घोष को जांचकर्ताओं के सामने पेश होने के लिए एक नोटिस जारी किया गया है।’’

इस बीच, घोष ने आरोपों से इनकार किया और कहा कि वह जांच में पुलिस का सहयोग करने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं उस महिला को नहीं जानता जिसने शिकायत दर्ज कराई है। मेरी बेटी ने उनसे एक संपत्ति खरीदी थी। मेरे 50 साल के राजनीतिक जीवन में, कोई भी मुझ पर भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा पाया है। अगर पुलिस जांच के लिए बुलाती है, तो मैं उनके साथ सहयोग करने के लिए तैयार हूं।’’

भाषा

धीरज वैभव

वैभव