नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) लखनऊ की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने उत्तर प्रदेश के एक पूर्व एमएलसी को “भगोड़ा आर्थिक अपराधी” घोषित किया और उनके खिलाफ धन शोधन मामले में ईडी की जांच के बाद उनके “नियंत्रण” वाली लगभग एक हजार करोड़ रुपये मूल्य की तीन चीनी मिलों को जब्त करने का आदेश दिया है।
‘पीटीआई’ के पास उपलब्ध आदेश की प्रति के अनुसार, मंगलवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत के विशेष न्यायाधीश राहुल प्रकाश ने विधान परिषद के पूर्व सदस्य मोहम्मद इकबाल को 2018 के भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओए) के तहत अपराधी घोषित किया। आदेश में कहा गया है कि अदालत ने तीन चीनी मिलों को जब्त करने का आदेश दिया है, जिनका कुल मूल्य 995.75 करोड़ रुपये है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुसार, इकबाल ने “अवैध” खनन गतिविधियों से प्राप्त धन के जरिये ‘मुखौटा’ (फर्जी) कंपनियों के नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए इन मिलों का अधिग्रहण किया था।
एजेंसी ने दावा किया कि इन मिलों को अपराध की आय से “अत्यधिक कम मूल्य” पर अधिग्रहित किया गया था और इसलिए इन्हें पीएमएलए के तहत जब्त कर लिया गया।
एजेंसी ने अदालत को सूचित किया कि पूर्व एमएलसी भारत से फरार हो गए और वर्तमान में दुबई में रह रहे हैं।
राज्य के सहारनपुर जिले के रहने वाले इकबाल ने 2010 से 2016 के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य के रूप में कार्य किया।
ईडी ने जून 2019 में इकबाल और अन्य के खिलाफ धन शोधन का मामला दर्ज किया, जिसमें गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय (एसएफआईओ) द्वारा दायर आपराधिक शिकायत और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा अवैध रेत खनन और चीनी मिलों की बिक्री से संबंधित दर्ज मामलों का संज्ञान लिया गया।
भाषा प्रशांत पवनेश
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