फर्जी ऑनलाइन कारोबार गिरोह का भंडाफोड़, कोलकाता और लखनऊ से चार लोग गिरफ्तार

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फर्जी ऑनलाइन कारोबार गिरोह का भंडाफोड़, कोलकाता और लखनऊ से चार लोग गिरफ्तार

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  • Publish Date - January 24, 2026 / 09:57 PM IST,
    Updated On - January 24, 2026 / 09:57 PM IST

नयी दिल्ली, 24 जनवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने कंबोडिया के ऑपरेटरों से कथित तौर पर जुड़े फर्जी ऑनलाइन कारोबार गिरोह का भंडाफोड़ किया और देशभर में पीड़ितों से 300 करोड़ रुपये से अधिक की रकम लूटने वाले धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश किया। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

इस गिरोह के संबंध में कोलकाता और लखनऊ से चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो फर्जी कारोबार से जुड़े एप्लिकेशन और ऑनलाइन मैसेजिंग ग्रुप के जरिए वैध ब्रोकरेज कंपनियों के रूप में लोगों को भारी मुनाफे का लालच देता था।

पुलिस के अनुसार, जालसाजों ने सोशल मीडिया पर विज्ञापनों व संदेशों के माध्यम से लोगों से संपर्क किया और उन्हें ‘ऑनलाइन ट्रेडिंग निवेश’ और ‘गारंटी’ मुनाफे का लालच दिया।

पुलिस उपायुक्त (अपराध) आदित्य गौतम ने बताया, “जिन लोगों ने इन प्रस्तावों को स्वीकार किया, उन्हें भ्रामक नामों वाले समूहों में जोड़ा गया, जैसे कि ‘वेंचुरा सिक्योरिटीज’, ‘गो मार्केट ग्लोबल’ और ‘आईपीओ स्टॉक ट्रेडिंग’, जहां उन्होंने (जालसाजों ने) खुद को अधिकृत ब्रोकर के रूप में पेश किया।”

उन्होंने बताया कि इसके बाद पीड़ितों को फर्जी मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए राजी किया गया, जिनमें मनगढ़ंत मुनाफे दिखाने वाले फर्जी ट्रेडिंग डैशबोर्ड प्रदर्शित होते थे।

अधिकारी ने बताया कि विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने शुरू में पीड़ितों के खातों में ‘मुनाफे’ के रूप में छोटी रकम जमा की, जिससे वे बाद में बड़ी रकम निवेश करने के लिए राजी हो गये।

पुलिस ने बताया कि बाद में जालसाजों ने कर, शुल्क या निकासी के लिए शुल्क के बहाने अतिरिक्त भुगतान की मांग की, जिसके बाद पीड़ितों ने अपना पैसा गंवा दिया।

पुलिस ने बताया कि कोलकाता निवासी बिस्वजीत मंडल (32) को 29 दिसंबर, 2025 को बैरकपुर के बेलघरिया से गिरफ्तार किया गया और उसके पास से आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए।

पुलिस के मुताबिक, उससे पूछताछ के बाद एक जनवरी को आशीष अग्रवाल (35) को कोलकाता के एक होटल से गिरफ्तार किया गया और उसके पास से मोबाइल फोन व डिजिटल सबूतों से भरा एक लैपटॉप जब्त किया गया।

पुलिस ने बताया कि उनसे मिली जानकारियों के आधार पर छह जनवरी को लखनऊ से राजीव शाह और कोलकाता से शुभम शर्मा को समन्वित छापेमारी में गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने उनके पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप, चेकबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड जब्त किए हैं।

पुलिस ने बताया कि अब तक 39 मोबाइल फोन, 258 सिम कार्ड, चार लैपटॉप, एटीएम कार्ड, चेकबुक, बैंकिंग और केवाईसी दस्तावेज जब्त किए गए।

पुलिस के मुताबिक, 19 लाख रुपये के लेन-देन पर रोक लगा दी गई है।

जांचकर्ताओं ने 105 फर्जी कंपनियों से जुड़े 260 से अधिक बैंक खातों की पहचान की है और इस नेटवर्क को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज 2,567 शिकायतों से जोड़ा है।

पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके अंतरराष्ट्रीय संबंधों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

भाषा जितेंद्र माधव

माधव