ईटानगर, छह अप्रैल (भाषा) अप्रैल 1959 में 14वें दलाई लामा के तिब्बत से भागकर भारत में प्रवेश करने के लिए अपनाए गए मार्ग से गुजरने वाले स्मारक ट्रेक ‘फ्रीडम ट्रेल’ का दूसरा संस्करण अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले के पुंगटेंग-त्से में समाप्त हुआ। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
बयान के मुताबिक, छह दिन का यह ट्रेक केंजामानी से शुरू हुई थी और इसका नेतृत्व लुंगला के विधायक त्सेरिंग ल्हामू ने किया। लुंगला निर्वाचन क्षेत्र के निवासियों और दलाई लामा के अनुयायियों ने इस ट्रेक में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
बयान के अनुसार, ट्रेक में शामिल लोगों का रविवार को कुडुंग गांव पहुंचने पर वहां बड़ी संख्या में जुटे स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया।
इसमें कहा गया है कि यह ट्रेक तिब्बती आध्यात्मिक नेता तेनजिन ग्यात्सो के पांच अप्रैल 1959 को तिब्बत से भागकर तवांग के रास्ते भारत पहुंचने के घटनाक्रम की याद में आयोजित की जाती है।
भाषा पारुल प्रशांत
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