गेंदबाजी से सियासी पारी तक: टीएमसी के शिव शंकर पॉल ने चुनावी मैदान में उतरे

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गेंदबाजी से सियासी पारी तक: टीएमसी के शिव शंकर पॉल ने चुनावी मैदान में उतरे

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  • Publish Date - March 24, 2026 / 03:49 PM IST,
    Updated On - March 24, 2026 / 03:49 PM IST

(सुदिप्तो चौधरी)

कोलकाता, 24 मार्च (भाषा) बंगाल के पूर्व तेज गेंदबाज शिव शंकर पॉल ने उम्मीद जतायी है कि वे तूफानगंज से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) उम्मीदवार के रूप में अपने पहले चुनावी मुकाबले में वही निडरता दिखाएंगे जो उन्होंने कभी दिग्गज क्रिकेट सम्राट सचिन तेंदुलकर के खिलाफ दिखाई थी।

पॉल को घरेलू क्रिकेट जगत में ‘मैको’ के नाम से जाना जाता है।

चुनाव जीतने की स्थिति में 44 वर्षीय उम्मीदवार पॉल विभिन्न जिलों के युवा एथलीटों की चुनौतियों से निपटने में मदद करने के लिए उत्सुक हैं जिसमें कोलकाता में उपयुक्त आवास की व्यवस्था करना शामिल है ताकि उनके सपनों को साकार किया जा सके।

पॉल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मैं सचिन तेंदुलकर को गेंदबाजी करते समय कभी नहीं डरा, और अब मैं चुनाव लड़ने से नहीं डरता। मैं हमेशा मैदान पर जीतने के लिए उतरा हूं।’’

टीएमसी द्वारा इस सीट पर मैदान में उतारे गए पॉल, एक चुनौतीपूर्ण चुनावी परिदृश्य का सामना कर रहे हैं। इस सीट पर उनकी पार्टी वर्ष 2021 में चुनाव हार गई थी और भाजपा की मालती रावा रॉय ने 31,000 से अधिक वोटों से जीत दर्ज की थी।

एक मजबूत भाजपा संगठन के बावजूद, टीएमसी उम्मीदवार का मानना ​​है कि निर्वाचन क्षेत्र से उनका व्यक्तिगत जुड़ाव और इसके साथ ही अनुशासन और कड़ी मेहनत से जुड़ी उनकी प्रतिष्ठा सत्तारूढ़ पार्टी को जीत दिलाने में मदद करेगी।

चुनावी चुनौतियों के बावजूद पॉल का हौसला बुलंद है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने क्रिकेट के दिग्गजों के खिलाफ एक ही मैच में काफी अधिक ओवर तक गेंदबाजी की है, अब मैं अपने लोगों के लिए गेंदबाजी करना चाहता हूं, खेल, शिक्षा और रोजमर्रा की जिंदगी में आने वाली चुनौतियों से निपटने में उनकी मदद करना चाहता हूं।’’

पूर्व तेज गेंदबाज ने अपने पेशेवर जीवन का अधिकांश समय कोलकाता में बिताया, लेकिन तूफानगंज से उनका गहरा जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने का उनका मकसद लोगों की सेवा करना है।

पॉल ने कहा कि वित्तीय और बुनियादी ढांचे संबंधी बाधाएं अक्सर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के सपनों को चकनाचूर कर देती हैं। उन्होंने कहा कि वह इन चुनौतियों का व्यवस्थित रूप से समाधान करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं दीदी (ममता बनर्जी) और अभिषेक बनर्जी से कोलकाता में उत्तर बंगाल के लिए एक छात्रावास स्थापित करने में मदद करने का अनुरोध करना चाहता हूं। कई लड़के-लड़कियां राज्य की राजधानी में रहने का खर्च वहन नहीं कर सकते और खेल बीच में ही छोड़ देते हैं। एक छात्रावास उन्हें कम खर्च में आवास पाने और अपने सपनों को साकार करने में मदद करेगा।’’

पॉल का चुनावी अभियान 19 मार्च को एक स्थानीय मंदिर में प्रार्थना के साथ शुरू हुआ।

वर्ष 2005-06 और 2006-07 में लगातार रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहुंचने वाली बंगाल टीम में खेलते हुए पॉल ने एक भरोसेमंद और मेहनती गेंदबाज के रूप में अपनी पहचान बनाई, जो दबाव में भी कई ओवर तक गेंद फेंकने में सक्षम थे। अपने प्रथम श्रेणी करियर में उन्होंने 100 से अधिक विकेट लिए।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना ​​है कि टीएमसी उम्मीदवार के व्यक्तिगत संपर्क और खेल पृष्ठभूमि भले ही उनके पक्ष में काम करे, लेकिन भाजपा के मजबूत संगठन और वामपंथियों की सक्रिय भागीदारी के कारण तूफानगंज में चुनावी समीकरण काफी जटिल हैं।

लेकिन पॉल को पूरा भरोसा है कि क्रिकेट के जरिये हासिल अनुशासन, एकाग्रता और निडरता उन्हें राजनीतिक जीवन की चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगी।

भाषा संतोष नरेश

नरेश