नयी दिल्ली, आठ अप्रैल (भाषा) सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा की गई एक जांच के विवरण लीक होने के संबंध में दिल्ली पुलिस की हालिया प्राथमिकी का उद्देश्य किसी भी तरह से मीडिया को चुप कराना नहीं, बल्कि एफएसएसएआई से गोपनीय जानकारी लीक करने वाले लोगों का पता लगाना है।
सूत्रों के अनुसार, अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी किसी भी पत्रकार या मीडिया संस्थान के प्रति लक्षित नहीं है।
इसके बजाय, इसका उद्देश्य एफएसएसएआई कार्यालय से संवेदनशील डेटा के अनधिकृत लीक के पीछे संदिग्ध लोगों का पता लगाना है।
अधिकारियों ने बताया कि एफएसएसएआई ने शिकायतों का स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है और यह अब भी जारी है। अंतिम रिपोर्ट अभी सौंपी जानी बाकी है।
हालांकि, जारी जांच के कुछ अंश के कुछ व्यक्तियों द्वारा सोशल मीडिया पर लीक किए जाने का संदेह है।
सूत्रों के अनुसार, इस तरह के लीक से जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता खतरे में पड़ जाती है, क्योंकि रिपोर्ट को अंतिम रूप दिए जाने और आवश्यक कार्रवाई पर विचार किए जाने से पहले ही संदिग्ध लोगों को जानकारी मिल जाती है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा जांच से संबंधित जानकारी का प्रसार किये जाने का पता चलने पर दिल्ली पुलिस ने कानून के अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जांच का मुख्य उद्देश्य जांच की विश्वसनीयता को बनाए रखना और इसे बाधित करने का प्रयास करने वालों को जवाबदेह ठहराना है।
सूत्रों ने स्पष्ट किया कि इस तरह की जानकारी लीक होने से जांच प्रक्रिया खतरे में पड़ जाती है।
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