तेहरान, आठ अप्रैल (एपी) लेबनान में ईरान समर्थित उग्रवादी समूह हिजबुल्ला के खिलाफ इजराइल के हवाई हमलों के बाद ईरान ने बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य को एक बार फिर बंद कर दिया। इस बीच, अमेरिका ने ईरान से वैश्विक तेल परिवहन के लिए अहम इस जलमार्ग को तत्काल फिर से खोलने की मांग की।
लेबनान पर इजराइली हमलों के जवाब में ईरान की कार्रवाई से यह संदेह पैदा हो गया है कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच हुआ “नाजुक” युद्ध-विराम समझौता बरकरार रह पाएगा या नहीं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरानी सभ्यता को मिटा देने की धमकियों से अंतिम समय में पीछे हटने के बाद ईरान, अमेरिका और इजराइल बुधवार को दो हफ्ते के युद्ध विराम पर सहमत हो गए। हालांकि, समझौते की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही इजराइल ने बिना किसी चेतावनी के मध्य बेरूत के घनी आबादी वाले कई आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों पर हवाई हमले किए।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इन हमलों में कम से कम 112 लोगों की मौत हो गई और 800 से अधिक घायल हुए।
इजराइल ने लेबनान पर हमले के बाद कहा कि ईरान के साथ हुआ युद्ध-विराम समझौता लेबनान में तेहरान के समर्थन वाले उग्रवादी समूह हिजबुल्ला के साथ उसकी लड़ाई पर लागू नहीं होता।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक समाचार चैनल से कहा कि लेबनानी उग्रवादी समूह हिजबुल्ला की वजह से लेबनान को युद्ध-विराम समझौते में शामिल नहीं किया गया गया है। उन्होंने लेबनान पर इजराइल के ताजा हमलों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि “वह एक अलग लड़ाई है।”
हालांकि, समझौते में मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान ने पहले कहा था कि ईरान युद्ध में दो हफ्ते के युद्ध-विराम के तहत इजराइल अपने हमले रोक देगा।
ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि तेहरान ने लेबनान पर इजराइली हमलों के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर दिया है।
ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के एयरोस्पेस कमांडर जनरल सैयद माजिद मूसावी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “लेबनान के प्रति आक्रामकता ईरान के प्रति आक्रामकता है।” उन्होंने बिना विवरण दिए चेतावनी दी कि ईरानी सेनाएं “कड़ी प्रतिक्रिया” की तैयारी कर रही हैं।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि लेबनान में युद्ध का अंत अमेरिका के साथ हुए युद्ध-विराम समझौते का हिस्सा है। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “पूरी दुनिया लेबनान में हो रहे नरसंहार को देख रही है। अब गेंद अमेरिका के पाले में है और दुनिया देख रही है कि क्या वह अपने वादों पर अमल करेगा।”
अमेरिका और ईरान, दोनों ने युद्ध-विराम समझौते को अपनी-अपनी जीत बताया।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी और इजराइली सेनाओं ने एक महत्वपूर्ण सैन्य जीत हासिल की है तथा ईरानी सेना अब अमेरिकी सेनाओं या क्षेत्र के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं है।
वहीं, ईरानी सेना ने कहा कि उसने इजराइल और अमेरिका को अपनी “प्रस्तावित शर्तों को स्वीकार करने एवं आत्मसमर्पण करने” के लिए मजबूर कर दिया।
युद्ध-विराम समझौते की शर्तों के बारे में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
ईरान ने कहा है कि इस समझौते से उसे होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की नयी व्यवस्था को औपचारिक रूप देने की अनुमति मिल जाएगी, लेकिन अभी यह ज्ञात नहीं है कि कोई अन्य देश इस शर्त पर सहमत है या नहीं।
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाए जाने के खिलाफ हैं।
ईरान के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों का भविष्य भी अनिश्चित बना हुआ है, जिन्हें खत्म करना अमेरिका और इजराइल के लिए हमले का प्रमुख उद्देश्य था।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ मिलकर उसके उस संवर्द्धित यूरेनियम को ‘‘खोदकर निकालने’’ का काम करेगा, जो पिछले साल गर्मियों में अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के दौरान जमीन में दब गया था। वैसे ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की।
युद्ध-विराम की घोषणा के बाद ईरान की राजधानी की सड़कों पर सरकार समर्थक प्रदर्शनकारियों ने ‘‘अमेरिका मुर्दाबाद, इजराइल मुर्दाबाद, समझौता करने वाले मुर्दाबाद!’’ के नारे लगाए। आयोजकों ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की लेकिन वे लगातार नारे लगाते रहे। उन्होंने सड़क पर अमेरिकी और इजराइल के झंडे भी जलाए।
युद्ध-विराम की शर्तों को लेकर अलग-अलग खबरें आई हैं।
ट्रंप ने शुरू में कहा था कि ईरान ने एक ‘व्यवहार्यपरक’ 10-सूत्री योजना का प्रस्ताव दिया है, जो 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमले के साथ शुरू युद्ध को समाप्त करने में मदद कर सकता है। लेकिन, जब ईरान का संस्करण सामने आया तो ट्रंप ने बिना विस्तार से बताए इसे धोखाधड़ी करार दिया। ईरान के संस्करण में संकेत दिया गया था कि उसे यूरेनियम संवर्धन जारी रखने की अनुमति दी जाएगी-जो परमाणु हथियार बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।
इस बीच, व्हाइट हाउस ने कहा कि वेंस पाकिस्तान में युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के उद्देश्य से होने वाली वार्ता में अमेरिकी वार्ता दल का नेतृत्व करेंगे।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिकी युद्धपोत होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बने रहेंगे, जिससे शांति काल में कुल तेल और प्राकृतिक गैस व्यापार का 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता था। आने वाले दिनों में यह एक संभावित तनाव का कारण बन सकता है।
युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान की मांगों में क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी, प्रतिबंधों को हटाना और उसकी जब्त संपत्तियों को जारी करना शामिल है।
ट्रंप ने कहा, ‘‘हम ईरान के साथ शुल्क (टैरिफ) और प्रतिबंधों में राहत के बारे में बातचीत कर रहे हैं।’’
यह स्पष्ट नहीं है कि अन्य पश्चिमी देश इस बात से सहमत होंगे या नहीं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के निजी दूत ‘‘आगे के रास्ते’’ पर बातचीत के लिए ईरान पहुंचे।
पाकिस्तान ने कहा कि युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए वार्ता शुक्रवार को इस्लामाबाद में शुरू हो सकती है।
इजराइल ने ईरान के साथ अमेरिका के युद्ध-विराम का समर्थन किया, लेकिन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह समझौता हिजबुल्ला पर लागू नहीं होता है। उन्होंने कहा कि हिजबुल्ला से लड़ाई जारी रहेगी। इजराइल की सेना ने कहा कि लड़ाई और जमीनी अभियान जारी हैं।
ईरान के साथ युद्ध-विराम की घोषणा के कुछ घंटों बाद इजराइल ने बुधवार दोपहर बिना किसी चेतावनी के मध्य बेरूत के घनी आबादी वाले कई आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों पर हवाई हमले किए। इजराइली सेना ने मध्य बेरूत, दक्षिणी लेबनान और पूर्वी बेका घाटी में 10 मिनट के अंतराल में हिजबुल्लाह के 100 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया। उसने इस कार्रवाई को मौजूदा युद्ध में सबसे बड़ा समन्वित हमला करार दिया।
ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी शुल्क वसूलेंगे।
युद्ध-विराम से इस मार्ग पर नियंत्रण को औपचारिक रूप दिया जा सकता है और ईरान को राजस्व का एक नया स्रोत मिल सकता है।
एक अधिकारी के अनुसार, इस योजना के तहत ईरान और ओमान दोनों को जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की अनुमति दी गई है। अधिकारी ने कहा कि ईरान इस राशि का इस्तेमाल पुनर्निर्माण के लिए करेगा।
युद्ध-विराम की खबर से तेल की कीमतों में गिरावट आई और शेयरों में उछाल आया।
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अगर ईरान संवर्द्धित यूरेनियम नहीं सौंपता है तो अमेरिका फिर से हमला कर सकता है। हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ‘फिलहाल’ अपना काम कर दिया है, लेकिन वह यह सुनिश्चित करने के लिए तैयार है कि ईरान युद्ध-विराम की सभी शर्तों का पालन करे।
अमेरिका के ‘ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ’ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने कहा कि ईरान में 13,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए गए, जिससे देश की 80 प्रतिशत हवाई रक्षा प्रणालियां नष्ट हो गईं और उसके 90 प्रतिशत हथियार कारखानों को निशाना बनाया गया।
युद्ध-विराम की घोषणा के बाद संयुक्त अरब अमीरात, इजराइल, सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत में मिसाइल हमले की चेतावनी जारी की गई। अधिकारियों ने बताया कि ईरान की ओर से हुई गोलाबारी के बाद अबू धाबी में एक गैस प्रसंस्करण संयंत्र में आग लग गई।
संयुक्त अरब अमीरात ने कहा है कि उसकी हवाई रक्षा प्रणाली ने ईरान की ओर से आ रही मिसाइलों के जवाब में जवाबी कार्रवाई की। कुवैत की सेना ने कहा कि उसकी सेना ने ड्रोन हमलों को नाकाम करने के लिए कार्रवाई की।
ईरान के सरकारी टेलीविजन ने बताया कि बुधवार को ईरान के लावन द्वीप पर स्थित एक तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ। खबर में कहा गया कि दमकलकर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ।
युद्ध में मार्च के अंत तक ईरान में 1,900 से अधिक लोग मारे जा चुके थे। हालांकि सरकार ने कई दिनों से युद्ध में जान गंवाने वाले लोगों के बारे में जानकारी नहीं दी है।
लेबनान में, ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के खिलाफ इजराइल के हमले में 1,500 से अधिक लोग मारे गए हैं और 10 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। इजराइल के भी 11 सैनिक मारे गए गए हैं।
खाड़ी अरब देशों और कब्जे वाले वेस्ट बैंक में 24 से अधिक लोग मारे गए हैं, जबकि इजराइल में 23 लोगों के मारे जाने की सूचना है तथा 13 अमेरिकी सैनिकों की भी मौत हुई है।
एपी पारुल राजकुमार
राजकुमार