‘2047 तक विकसित भारत’ के निर्माण का संकल्प पूरा करें : नितिन नवीन

‘2047 तक विकसित भारत’ के निर्माण का संकल्प पूरा करें : नितिन नवीन

‘2047 तक विकसित भारत’ के निर्माण का संकल्प पूरा करें : नितिन नवीन
Modified Date: April 6, 2026 / 09:44 pm IST
Published Date: April 6, 2026 9:44 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से देशभर के लोगों से पूर्ण समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ जुड़ने और 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने का आह्वान किया।

नवीन ने भाजपा के 47वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे उन नेताओं और कार्यकर्ताओं के “समर्पण और बलिदान” से प्रेरणा लेकर पार्टी की पहुंच बढ़ाएं, जिन्होंने भाजपा को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनाने में योगदान दिया।

उन्होंने यहां भाजपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कहा, “हम जश्न मना रहे हैं, लेकिन यह संकल्प लेने का भी अवसर है। आइए 2047 तक एक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ें और पंचायत से लेकर संसद तक भगवा झंडा लहराने के सपने को साकार करें।”

नवीन ने भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों को शुभकामनाएं देते हुए उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की और पार्टी के “राष्ट्र प्रथम” सिद्धांत को दोहराया।

कांग्रेस पार्टी से तुलना करते हुए नवीन ने दावा किया कि जहां विपक्ष चुनाव हारने के बाद हताशा में राज्यों और वहां के लोगों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करता है, वहीं भाजपा किसी भी झटके के बाद थकती या झुकती नहीं है।

भाजपा अध्यक्ष का इशारा गुजरात और कुछ अन्य राज्यों के लोगों के बारे में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हालिया टिप्पणी की ओर था। खरगे ने रविवार को केरल के इडुक्की में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि राज्य के लोग “शिक्षित और चतुर” हैं तथा उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता है, जबकि गुजरात और कुछ अन्य राज्यों के लोग “अशिक्षित” हैं।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “मैंने हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष की एक टिप्पणी सुनी। जब वे (कांग्रेस नेता) हारते हैं, तो वे निराश हो जाते हैं और देश की जनता और यहां तक ​​कि अपने ही राज्यों के लोगों का अपमान करना शुरू कर देते हैं। लेकिन हम हार में भी नये संकल्प, नयी सोच और नयी उम्मीद के साथ आगे बढ़ते हैं।”

नवीन ने पार्टी के दिग्गज नेताओं की विरासत का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा की यात्रा को इसके संस्थापक नेताओं की ओर से निर्धारित सिद्धांतों के माध्यम से समझा जा सकता है।

उन्होंने कहा, “अगर हम श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवाद, दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन और अटल बिहारी वाजपेयी के सुशासन मॉडल को याद रखें, तो हम भाजपा की यात्रा को सही मायने में आत्मसात कर सकते हैं।”

नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इन सिद्धांतों को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया है।

उन्होंने कहा, “अगर हम इन तीन महान नेताओं (श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी) के योगदान पर विचार करें, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि हमारे प्रधानमंत्री ने उनके दर्शन को व्यापक रूप से आत्मसात किया है और आगे बढ़ाया है।”

मोदी के संबोधन का जिक्र करते हुए नवीन ने कहा कि इसने पार्टी के संघर्षों पर प्रकाश डाला और भविष्य के लिए मार्गदर्शन किया।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने हमें हमारे इतिहास, हमारे संघर्षों की याद दिलाई और आगे का रास्ता भी दिखाया।”

नवीन ने पार्टी के कठिन दौर को याद करते हुए कहा कि चुनावी असफलताओं के दौर में भी भाजपा कार्यकर्ता अडिग रहे।

उन्होंने कहा, “एक समय ऐसा भी था, जब 1984 में पार्टी की सीटें घटकर मात्र दो रह गई थीं, लेकिन हमारे कार्यकर्ताओं ने अटूट प्रतिबद्धता के साथ अपना संघर्ष जारी रखा।”

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि अगर पार्टी कार्यकर्ता निष्क्रिय बैठे रहेंगे तो 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का सपना साकार नहीं होगा।

उन्होंने कहा, “हमने देखा है कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकार बनती है, वहां विकास कार्य आगे बढ़ते हैं। लेकिन जहां भी किसी भी कारण से सत्ता हमारे हाथ से निकल जाती है, विकास रुक जाता है और विनाश एवं भ्रष्टाचार लौट आता है। इसलिए, यह निष्क्रिय बैठने का समय नहीं है। हमें संघर्ष जारी रखना होगा और अधिक मेहनत करनी होगी। यहां तक ​​कि जिन राज्यों में हमारी सरकार बन रही है, वहां भी हमें बेहतर प्रदर्शन करना होगा।”

नवीन ने पार्टी के पूर्व अध्यक्षों और पुरानी पीढ़ी के कार्यकर्ताओं को नमन करते हुए कहा कि भाजपा का विकास दशकों से चले आ रहे सामूहिक प्रयासों का नतीजा है।

उन्होंने पार्टी की वैचारिक जड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि हालांकि, भाजपा की स्थापना 1980 में हुई थी, लेकिन इसके मार्गदर्शक सिद्धांत भारतीय जनसंघ से जुड़े हुए हैं।

नवीन ने कहा कि भाजपा का विस्तार उसके कैडर-आधारित ढांचे और निरंतर जनसंपर्क के माध्यम से लोगों के बीच बनाए गए विश्वास को दर्शाता है।

उन्होंने पश्चिम बंगाल और केरल में पार्टी की सेवा करते हुए अपनी जान गंवाने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

नवीन ने कहा, “कुछ दिन पहले मैंने केरल का दौरा किया था और मुझे पश्चिम बंगाल जाने का भी अवसर मिला था। केरल में मैं पार्टी कार्यकर्ताओं के परिजनों से मिला-कुछ ने अपने पति खो दिए थे, कुछ ने अपने बेटे और भाई। पश्चिम बंगाल में भी मैं उन कार्यकर्ताओं से मिला, जिन्होंने राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण पीड़ा झेली है, परिवार के सदस्यों को खोया है और अपमान सहा है। फिर भी, जब मैं उनका दृढ़ संकल्प देखता हू, तो मुझे सम्मान में सिर झुकाने का मन करता है।”

इस अवसर पर भाजपा ने एक नया डिजिटल प्रशिक्षण अभियान ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय महाअभियान 2026’ भी शुरू किया।

नवीन ने कहा, “संख्या बढ़ाने के साथ-साथ हमने गुणवत्ता में सुधार करने का भी संकल्प लिया है। हमने अपने समर्थकों के लिए एक डिजिटल प्रशिक्षण मंच शुरू किया है। इसके जरिये हम भाजपा की विचारधारा को समाज में गहराई तक पहुंचा सकेंगे।”

भाषा पारुल माधव

माधव


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