नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह रांची में आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में खड़ी है तथा उन्हें न्याय दिलाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कांग्रेस झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार की सहयोगी है।
पार्टी के झारखंड प्रभारी के राजू ने कहा कि उनके नेतृत्व में पार्टी के राज्य के नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
राजू ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘हमने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत करने और ठोस समाधान सुझाने के लिए मंत्रिस्तरीय समिति गठित करने के मुख्यमंत्री के सकारात्मक एवं संवेदनशील फैसले के लिए उनका धन्यवाद किया।’’
उन्होंने कहा कि झारखंड कांग्रेस न्याय की मांग कर रहे छात्रों के समर्थन में खड़ी है।
राजू ने कहा, ‘‘झारखंड युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के नेताओं ने एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव के साथ मिलकर जेपीएससी और जेएसएससी में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति पूरा समर्थन व्यक्त किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे नेतृत्व में झारखंड के कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। हमने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत के लिए मंत्रिस्तरीय समिति गठित करने के उनके सकारात्मक और संवेदनशील निर्णय के लिए उनका आभार जताया।’’
राजू ने कहा, ‘‘हमारे छात्रों को न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।’’
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। पांच और प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
इस बीच, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा था कि प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा राष्ट्रीय समस्या है और गतिरोध समाप्त करने के लिए बातचीत की पेशकश की।
‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ के बैनर तले 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में शुरू हुआ यह आंदोलन हाल के वर्षों में राज्य के सबसे बड़े छात्र आंदोलनों में से एक बन गया है।
प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अथवा राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के पैनल से कराने की मांग कर रहे हैं।
वे झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधार की मांग भी कर रहे हैं।
भाषा हक हक रंजन
रंजन