कोट्टायम (केरल), छह अगस्त (भाषा) केरल के जल संसाधन मंत्री एम. जोसेफ ने बृहस्पतिवार को कहा कि मुल्लापेरियार बांध की सुरक्षा को लेकर उच्चतम न्यायालय के महत्वपूर्ण निर्देशों का अब तक पालन नहीं किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तमिलनाडु इस बांध का जलस्तर 142 फुट से अधिक बढ़ाने की दिशा में बढ़ता है, तो केरल सरकार उच्चतम न्यायालय का रुख करेगी।
उनकी ये टिप्पणियां तमिलनाडु सरकार द्वारा अपने बजट में केरल के इडुक्की जिले में स्थित 131 साल पुराने मुल्लापेरियार जलाशय का जलस्तर बढ़ाने की योजना की घोषणा करने के एक दिन बाद आयी हैं।
जोसेफ ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केरल का रुख स्पष्ट है कि किसी भी परिस्थिति में मुल्लापेरियार बांध का जलस्तर 142 फुट से अधिक नहीं बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार बांध की सुरक्षा संबंधी निरीक्षण और मजबूतीकरण के कार्य अब तक पूरे नहीं किए हैं।
मंत्री ने कहा कि केरल ने उच्चतम न्यायालय से यह भी आग्रह किया है कि राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) स्वयं बांध की व्यापक सुरक्षा जांच कराए।
उन्होंने कहा, ‘‘यह जांच पिछले वर्ष 31 दिसंबर तक पूरी होनी थी, लेकिन अब तक बुनियादी सुरक्षा ऑडिट भी नहीं हुआ है।’’
उन्होंने कहा कि बेबी बांध को मजबूत करने संबंधी शीर्ष अदालत के निर्देशों का भी पालन नहीं हुआ है।
जोसेफ ने दोहराया कि केरल की मूल मांग मुल्लापेरियार में नया बांध बनाने की है, ताकि तमिलनाडु को आवश्यक पानी मिलता रहे और केरल के लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।
मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु के बजट में जलस्तर बढ़ाने की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री वी डी सतीशन की अध्यक्षता में बुधवार को बैठक हुई और स्थिति की समीक्षा के लिए जल संसाधन विभाग की आपात बैठक बुलाई गई।
मध्य केरल में बाढ़ की स्थिति पर जोसेफ ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है तथा अलप्पुझा के थोट्टापल्ली स्पिलवे से बाढ़ का पानी समुद्र में सुचारु रूप से छोड़ा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कोट्टायम और अपर कुट्टनाड में भी जलस्तर घट रहा है और स्थिति नियंत्रण में है।
भाषा गोला वैभव
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