ऊंचाई वाले इलाकों में सीआरपीएफ जवानों के लिए ठंड के विशेष कपड़ों, उपकरणों को लेकर कोष मंजूर

ऊंचाई वाले इलाकों में सीआरपीएफ जवानों के लिए ठंड के विशेष कपड़ों, उपकरणों को लेकर कोष मंजूर

ऊंचाई वाले इलाकों में सीआरपीएफ जवानों के लिए ठंड के विशेष कपड़ों, उपकरणों को लेकर कोष मंजूर
Modified Date: August 9, 2026 / 04:37 pm IST
Published Date: August 9, 2026 4:37 pm IST

(नीलाभ श्रीवास्तव)

नयी दिल्ली, नौ अगस्त (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वर्ष 2025 के पहलगाम हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में आतंकवादियों के खिलाफ अभियान चला रहे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों के लिए सर्दियों के कपड़ों और उपकरणों के लिए एक खास कोष मंजूर किया है।

आधिकारिक सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कुछ सप्ताह पहले अर्द्धसैन्य बल को 4.54 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है। इस धनराशि से करीब 600 जवानों के लिए ठंड से बचाव वाले विशेष कपड़े और उपकरण खरीदे जाएंगे। इनमें पैर को ढकने वाले सुरक्षा आवरण, स्लीपिंग बैग, बर्फीले मौसम के लिए चश्मे, जूते, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित अत्यधिक ठंड वाले मौसम के कपड़े (हिमसुरक्षा ब्रांड), गर्मी रोकने वाली चटाइयां, बैग, दस्ताने, तंबू, थर्मल इनसोल, कंबल और बचाव बैग शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि इनमें से अधिकतर सामान पिछले साल से ही अस्थायी अभियान ठिकानों (टीओबी) पर तैनात जवानों को उपलब्ध कराए जा रहे थे। हालांकि, गृह मंत्रालय ने जुलाई में सीआरपीएफ के उस प्रस्ताव को ‘‘पूर्ण मंजूरी’’ दे दी, जिसमें इन वस्तुओं की खरीद का अनुरोध किया गया था।

सूत्रों के अनुसार, इन उपकरणों की खरीद का उद्देश्य ऊंचाई वाले इलाकों में लंबे समय तक चलने वाली गश्त, कठिन परिस्थितियों में जीवित रहने और आतंकवादियों के खिलाफ अभियानों के दौरान जवानों को बेहतर तरीके से तैयार करना है।

सूत्रों ने बताया कि इन वस्तुओं की उपयोग अवधि लगभग दो साल होती है और नयी खरीद के लिए जरूरत पड़ने पर धनराशि को बढ़ाया भी जा सकता है।

उन्होंने कहा कि 6,000 फुट से अधिक ऊंचाई पर बनाए गए अस्थायी अभियान ठिकानों में सीआरपीएफ के कमांडो तैनात रहते हैं। इन ठिकानों से उन इलाकों में तलाशी और हमले की कार्रवाई शुरू की जाती है, जहां आतंकवादी ‘ढोक’ (मिट्टी और पत्थर से बनी झोपड़ियों) में छिपे होते हैं।

यह पाया गया है कि आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के बर्फ से ढके और दुर्गम पर्वतीय इलाकों का इस्तेमाल मैदानी क्षेत्रों में हिंसा करने से पहले या बाद में छिपने के लिए किया। इसी को देखते हुए अब इन ऊंचाई वाले इलाकों में सीआरपीएफ और सेना के जवानों को तैनात किया गया है।

सीआरपीएफ ने जुलाई 2025 में इस तरह का पहला अस्थायी अभियान ठिकाना बनाया था। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, सीआरपीएफ ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के दोनों क्षेत्रों में अब तक 55 टीओबी स्थापित किए हैं।

इन टीओबी में करीब 15 से 25 हथियारबंद जवानों की एक टीम तैनात रहती है। यहां जवानों के आराम और पुनः तैयार होने के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

सीआरपीएफ के ऐसे ही एक टीओबी का इस्तेमाल सुरक्षा बलों ने जुलाई 2025 में पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार तीन आतंकवादियों को मार गिराने के अभियान के दौरान आधार के रूप में किया था। इस अभियान को ‘ऑपरेशन महादेव’ नाम दिया गया था।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सेना की तर्ज पर सीआरपीएफ कमांडो के लिए अस्थायी अभियान ठिकाने बनाने का प्रस्ताव वर्ष 2022-23 से ही विचाराधीन था, लेकिन इन्हें अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद सक्रिय रूप से संचालित किया गया।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में