जीएएफएफ ने अभिनेता विष्णु खारघोरिया के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान की घोषणा की

जीएएफएफ ने अभिनेता विष्णु खारघोरिया के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान की घोषणा की

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  • Publish Date - January 15, 2026 / 07:56 PM IST,
    Updated On - January 15, 2026 / 07:56 PM IST

गुवाहाटी, 15 जनवरी (भाषा) ‘जागोरोलोई बाहदुर’, ‘फिरिंगोटी’ और ‘कोलोल’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से लोगों का दिल जीतने वाले दिग्गज अभिनेता विष्णु खारघोरिया को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए ‘गुवाहाटी एशियाई फिल्म महोत्सव (जीएएफएफ) 2026 द्वारा ‘लाइफटाइम अचीवमेंट’ सम्मान से नवाजा जाएगा। आयोजकों ने यह जानकारी दी।

महोत्सव की निदेशक मोनिता बोरगोहेन ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘भारतीय सिनेमा, विशेषकर असमिया फिल्मों में खारघोरिया का योगदान गहरा और अमूल्य है। उनके अभिनय में असाधारण ईमानदारी, भावनात्मक गहराई और कला के प्रति अटूट समर्पण झलकता है। सिनेमा को समर्पित उनके जीवन का सम्मान करना हमारे लिए गर्व की बात है।’’

यह पुरस्कार एक वार्षिक सम्मान के रूप में दिया जाता है। यह उन कलाकारों का सम्मान करता है जिनके काम ने सिनेमाई संस्कृति को गहराई से प्रभावित किया है और कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है।

यह सम्मान जीएएफएफ 2026 के दूसरे संस्करण के दौरान दिया जाएगा, जो 22 से 25 जनवरी तक यहां आयोजित होगा।

इस महोत्सव का आयोजन ‘ट्रेंडिंग नाउ मीडिया’ द्वारा राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है।

भारतीय और खासकर असमिया सिनेमा में एक प्रभावशाली हस्ती के रूप में खारघोरिया को अपनी पीढ़ी के सबसे कुशल अभिनेताओं में से एक माना जाता है।

उन्होंने 1974 में ‘ब्रिस्ती’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की।

उन्होंने ‘कोलोल’ (1978), ‘फिरिंगोटी’ (1992), ‘जागोरोलोई बाहदुर’ (1995) और ‘पोखी’ (1998) जैसी कई अन्य ऐतिहासिक फिल्मों में अनगिनत यादगार अभिनय प्रस्तुत किए।

उन्हें ‘जागोरोलोई बाहदुर’ के लिए और फिर 2012 में ‘बंधन’ के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

खारघोरिया ने 1996 में ‘जागोरोलोई बाहदुर’ के लिए ‘सिंगापुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार भी जीता।

भाषा तान्या खारी

खारी