गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने जुबिन मामले में सुनवाई के लिए त्वरित सत्र अदालत की नियुक्ति की

गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने जुबिन मामले में सुनवाई के लिए त्वरित सत्र अदालत की नियुक्ति की

गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने जुबिन मामले में सुनवाई के लिए त्वरित सत्र अदालत की नियुक्ति की
Modified Date: March 19, 2026 / 04:40 pm IST
Published Date: March 19, 2026 4:40 pm IST

गुवाहाटी, 19 मार्च (भाषा) गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने गायक जुबिन गर्ग की मौत के मामले में रोजाना सुनवाई करने के लिए एक विशेष ‘फ़ास्ट-ट्रैक’ (त्वरित) सत्र अदालत की नियुक्ति की है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

बक्सा जिला न्यायाधीश शर्मिला भुइयां इस विशेष अदालत की अध्यक्षता करेंगी। गायक की सिंगापुर में मौत के ठीक छह महीने बाद त्वरित अदालत का गठन किया गया है।

शर्मा ने कहा कि जब तक विशेष अदालत में सुनवाई शुरू नहीं होती, यहां मामले में सुनवाई कर रही मौजूदा अतिरिक्त जिला और सत्र अदालत रोजाना आधार पर इसकी सुनवाई करती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज का दिन जुबिन गर्ग हत्याकांड में न्याय की हमारी सामूहिक कोशिश में एक अहम पड़ाव है। गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने अभी बक्सा में ज़िला न्यायाधीश के तौर पर सेवारत शर्मिला भुइयां को इस मामले में रोजाना सुनवाई करने के वास्ते एक विशेष फ़ास्ट-ट्रैक सत्र अदालत की अध्यक्षता करने के लिए नामित किया है।’’

गर्ग (52) की पिछले साल 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय मौत हो गई थी। वह वहां चौथे नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में शामिल होने गए थे।

असम पुलिस की सीआईडी के एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने इस मामले की जांच की थी और यहां एक स्थानीय अदालत में अपना आरोपपत्र दायर किया था, जिसमें सात लोगों को आरोपी बनाया गया था।

राज्य मंत्रिमंडल ने पिछले महीने सुनवाई को आगे बढ़ाने के लिए गुवाहाटी उच्च न्यायालय से एक फ़ास्ट-ट्रैक अदालत बनाने का अनुरोध करने का फ़ैसला किया था।

शर्मा ने कहा कि फास्ट-ट्रैक अदालत की नियुक्ति से ‘‘न्यायिक प्रक्रिया में काफी तेजी आएगी और यह समय पर न्याय की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आशुतोष कुमार के प्रति अपनी कृतज्ञता और हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने हमारे अनुरोध को स्वीकार किया और न्याय के सिद्धांत को और मजबूत करने में अपना अटूट समर्थन दिया।’’

शर्मा ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि उन्हें मुख्य न्यायाधीश का 16 मार्च का पत्र बृहस्पतिवार सुबह प्राप्त हुआ।

उन्होंने कहा, ‘‘मुख्य न्यायाधीश ने राज्य सरकार से विशेष फास्ट-ट्रैक अदालत स्थापित करने के लिए ज़रूरी साजो-सामान संबंधी सहायता उपलब्ध कराने को कहा है।’’

इस मामले के लिए सरकार ने पहले ही विशेष सरकारी अभियोजकों की पांच-सदस्यीय एक टीम नियुक्त कर दी थी।

भाषा वैभव सुरेश

सुरेश


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