हैदराबाद, छह सितंबर (भाषा) कांग्रेस की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष और विपक्ष के नेता के. चंद्रशेखर राव से सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के मॉनसून सत्र में शामिल होने की अपील की तथा सदन से ज़्यादातर समय दूर रहने के लिए उनकी आलोचना की।
सत्ताधारी कांग्रेस ने राव के इस्तीफे की मांग को लेकर यहां एक ‘महा-धरना’ (बड़ा विरोध प्रदर्शन) दिया। राव पर आरोप है कि वह वेतन और अन्य सुविधाएं तो ले रहे हैं, लेकिन विधानसभा से दूर रहते हैं।
गौड़ ने रविवार को कहा, ‘‘हर नागरिक और कांग्रेस कार्यकर्ता आपसे सवाल कर रहा है कि आप (विपक्ष के नेता के तौर पर) अपनी ज़िम्मेदारी को नज़रअंदाज़ करके खुद को अपने फ़ार्महाउस तक ही सीमित क्यों रखे हुए हैं। इस राज्य ने आपको एक जिम्मेदारी सौंपी है। लोग आपसे नाराज़ हैं क्योंकि आप अपनी जिम्मेदारी भूल गए हैं। हम यह धरना आपको वही बात याद दिलाने के लिए आयोजित कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि केसीआर एक वरिष्ठ नेता हैं तथा उन्हें सत्र में शामिल होना चाहिए और बहसों में हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई कमी बताई जाती है, तो कांग्रेस सरकार उसे ठीक करने के लिए तैयार है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि कांग्रेस 2040 तक सत्ता में रहेगी।
उन्होंने कहा कि सत्ता संभालने के बाद से पिछले 1,000 दिनों में कांग्रेस सरकार ने कई कामयाबियां हासिल की हैं और तरक्की सुनिश्चित की है।
धरना कार्यक्रम में परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर और उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू समेत कई राज्य मंत्री शामिल हुए।
प्रभाकर ने दावा किया, ‘‘ 10 साल तक मुख्यमंत्री रहे राव को विपक्ष के ज़िम्मेदार नेता के तौर पर सदन में आना चाहिए था और अपनी बात रखनी चाहिए थी। लेकिन विधानसभा में न आकर वह जनता के पैसे का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। समाज इस पर सवाल उठा रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई सरकारी कर्मचारी काम पर नहीं आता है, तो उसे नौकरी से हटा दिया जाता है। लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं और कांग्रेस उनकी ओर से विपक्ष के नेतृत्व का मुद्दा उठा रही है।’’
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने पहले विधानसभा से ज़्यादातर समय दूर रहने के लिए केसीआर की आलोचना की थी। उन्होंने हाल में एक जनसभा में कहा कि राज्य ने पिछले 1,000 दिनों में उनकी तनख्वाह पर 1.24 करोड़ रुपये और उनकी सुरक्षा, बुलेट-प्रूफ गाड़ियों और दूसरी सुविधाओं पर 21 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
भाषा राजकुमार नरेश
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