गौरव की ‘बिना वीजा’ रावलपिंडी यात्रा से साबित होता है कि वह पाकिस्तान में राजकीय अतिथि थे: हिमंत

गौरव की 'बिना वीजा' रावलपिंडी यात्रा से साबित होता है कि वह पाकिस्तान में राजकीय अतिथि थे: हिमंत

गौरव की ‘बिना वीजा’ रावलपिंडी यात्रा से साबित होता है कि वह पाकिस्तान में राजकीय अतिथि थे: हिमंत
Modified Date: February 10, 2026 / 11:10 pm IST
Published Date: February 10, 2026 11:10 pm IST

गुवाहाटी, 10 फरवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को दावा किया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई की 2013 की पाकिस्तान यात्रा के दौरान ”बिना वीजा के रावलपिंडी जाने की बात” साबित करती है कि वह पड़ोसी देश में ”राजकीय अतिथि” थे।

कांग्रेस नेता ने सोमवार को कहा कि वह उस वर्ष रावलपिंडी गए थे और 2014 में उनके सांसद बनने के बाद राजनयिक पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए केंद्र को प्रस्तुत किए गए सामान्य पासपोर्ट में उनकी यात्रा के ‘सभी विवरण’ मौजूद हैं। इस पर शर्मा ने दावा किया कि उनके पास केवल लाहौर, कराची और इस्लामाबाद के लिए वीजा था।

बोंगाईगांव में एक आधिकारिक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत में शर्मा ने कहा, ‘गोगोई ने कहा है कि वह रावलपिंडी गए थे। और चूंकि वह बिना वीजा के गए थे, इसलिए वह पाकिस्तानी सेना या पुलिस की कार में गए होंगे।’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अगर वह बिना वीजा के गए, तो इसका मतलब है कि वह राजकीय अतिथि थे। मैं खुलासा करता इससे पहले उन्होंने ही यह बता दिया और यह वीडियो क्लिप अदालत में पेश करने के लिए पर्याप्त है।’

विधानसभा चुनाव से पहले, शर्मा और गोगोई के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। शर्मा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सांसद और उनके परिवार के पाकिस्तान से संबंध हैं।

भाषा आशीष नेत्रपाल

नेत्रपाल


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