जयपुर, 28 अक्टूबर (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिछले तीन वर्षों में फसल खराब होने के कारण नुकसान झेलने वाले किसानों को मुआवजा नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए मंगलवार को कहा कि किसानों की राहत जल्द से जल्द उनके पास पहुंचनी चाहिए।
गहलोत ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “अलग-अलग जिलों के किसानों ने मुझे अवगत कराया है कि 2022, 2023 और 2024 में खरीफ की फसल के खराब होने का मुआवजा अभी तक सभी प्रभावित किसानों को नहीं मिला है।’’
उन्होंने कहा कि गत वर्ष दिसंबर में जोधपुर के किसान के प्रतिनिधिमंडल द्वारा 2023 के मुआवजे के लिए ज्ञापन सौंपे जाने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा था, लेकिन अब तक इन किसानों को भी मुआवजा नहीं मिला है।
गहलोत ने कहा, “भरतपुर के किसानों ने बताया कि 2022 में फसल के खराब होने पर मुआवजा केवल लगभग 17,000 किसानों को मिला है, जबकि करीब 19,000 किसान आज भी मुआवजे के इंतजार में हैं। 2024 की मुआवजा प्रक्रिया अब भी पूरी नहीं हुई है। ऐसी स्थिति के कारण किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।”
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया, ‘‘भजनलाल शर्मा को अविलंब इसका ‘रिव्यू’ करना चाहिए कि किसानों के हक का मुआवजा कहां अटका हुआ है। किसानों की राहत जल्द से जल्द उनके पास पहुंचनी चाहिए।”
वहीं, एक अन्य पोस्ट में गहलोत ने झुंझुनूं में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले पर कहा कि पुलिस ने न तो पीड़िता के बयान दर्ज किए और न ही मौके पर गई।
उन्होंने कहा, “यदि तुरंत पुलिस कार्रवाई नहीं होगा तो पीड़िता को समय पर न्याय कैसे मिलेगा?”
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “महिला सुरक्षा को लेकर लापरवाही ऊपर से नीचे तक है। जब सही निगरानी नहीं होगी और समय-समय पर समीक्षा नहीं की जाएगी, तो कानून की पालना में इस तरह की उदासीनता स्वाभाविक है।”
भाषा पृथ्वी खारी
खारी