गुरुग्राम में बच्ची से दुष्कर्म: न्यायालय ने एसआईटी को बच्ची के घर जाने का निर्देश दिया

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गुरुग्राम में बच्ची से दुष्कर्म: न्यायालय ने एसआईटी को बच्ची के घर जाने का निर्देश दिया

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  • Publish Date - April 6, 2026 / 10:06 PM IST,
    Updated On - April 6, 2026 / 10:06 PM IST

नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने हरियाणा के गुरुग्राम में तीन साल की बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म के मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) को सोमवार को निर्देश दिया कि वह उसके घर सादे कपड़ों में, एक मनोवैज्ञानिक के साथ जाकर उसका बयान दर्ज करे।

न्यायालय ने मामले में गंभीर मुद्दे शामिल होने और फिलहाल कार्यवाही बंद न करने का उल्लेख करते हुए यह निर्देश दिया।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने महिला सदस्यों वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) को जांच पूरी करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया।

पीठ ने मामले की सुनवाई कर रही अधीनस्थ अदालत को यह भी निर्देश दिया कि एसआईटी द्वारा आरोपपत्र दाखिल किए जाने तक आरोपियों की कोई भी जमानत याचिका स्वीकार न की जाए।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘एसआईटी सदस्यों को बाल परामर्शदाताओं के साथ जाना चाहिए… कृपया सामान्य कपड़ों में जाएं। बच्ची पर कोई मनोवैज्ञानिक प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। उसके माता-पिता के साथ चाय पीएं और बच्चे से बातचीत करें।’’

एसआईटी ने अदालत को सूचित किया कि तीनों आरोपियों की पॉलीग्राफ जांच रिपोर्ट लगभग एक सप्ताह में आने की उम्मीद है, और उसे बच्ची से बातचीत करनी है। एसआईटी ने यह भी बताया कि गुरुग्राम पुलिस ने पहले शिनाख्त परेड कराने का अनुरोध किया था, लेकिन अब वह इसकी मांग नहीं कर रही है।

बच्ची की जांच करने वाली डॉक्टर की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन और अधिवक्ता सुमीर सोढ़ी ने कहा कि वह 80 वर्षीय प्रतिष्ठित चिकित्सक हैं और उन्होंने अपने बयान में कोई बदलाव नहीं किया है।

डॉक्टर पर पहले अदालत द्वारा बयान बदलने का आरोप लगाया गया था। उन्होंने डॉक्टर के खिलाफ कार्यवाही बंद करने की मांग की।

हालांकि, पीठ ने कहा, ‘‘हम फिलहाल किसी के भी खिलाफ कार्यवाही बंद नहीं करने जा रहे हैं, और यह मामला पूरे देश में एक उदाहरण के रूप में याद रखा जाएगा।’’

पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल के लिए निर्धारित की।

पुलिस के अनुसार, सेक्टर 54 स्थित एक सोसाइटी में दो महिला घरेलू सहायिकाओं और उनके एक पुरुष साथी ने तीन वर्षीय बच्ची का लगभग दो महीने तक यौन उत्पीड़न किया।

बच्ची के माता-पिता की शिकायत के बाद, सेक्टर 53 पुलिस स्टेशन में 4 फरवरी को भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

यह घटना दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के बीच हुई, लेकिन बच्ची द्वारा अपनी मां को इस बारे में बताये जाने के बाद इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

भाषा सुभाष माधव

माधव