गुना में छात्राओं को ‘पेशाब’ मिला पानी पिलाने की घटना के बाद प्रधानाध्यापक को नोटिस

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गुना में छात्राओं को ‘पेशाब’ मिला पानी पिलाने की घटना के बाद प्रधानाध्यापक को नोटिस

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  • Publish Date - August 18, 2026 / 10:31 PM IST,
    Updated On - August 18, 2026 / 10:31 PM IST

गुना (मध्यप्रदेश), 18 अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश के गुना जिले में एक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक को कुछ विद्यार्थियों द्वारा दो छात्राओं को कथित तौर पर पेशाब मिला पानी पिलाने की शिकायत पर ‘‘असंवेदनशील’’ रवैया अपनाने के आरोप में प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी कर मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के मुताबिक, जिले के आरोन विकासखंड के एक प्राथमिक विद्यालय में सोमवार को हुई इस घटना से आक्रोशित छात्राओं के परिजनों और ग्रामीणों ने मंगलवार को विद्यालय में हंगामा किया। इसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी।

आरोन की अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) मंजूषा खत्री ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार और खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को मौके पर भेजा गया तथा प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी किया गया।

उन्होंने बताया कि बीईओ को दो दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

गुना के जिलाधिकारी किशोर कुमार कन्याल ने बताया कि उन्हें एसडीएम खत्री के माध्यम से घटना की जानकारी मिली है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने जांच के आदेश दिए हैं। प्रथम दृष्टया यह पूरी घटना कक्षा के ही एक छात्र द्वारा की गई शरारत बताई जा रही है। बच्चे और उसके अभिभावकों को बुलाया जा रहा है। प्रधानाध्यापक को नोटिस दिया गया है।’’

परिजनों और ग्रामीणों ने विद्यालय में हंगामे के दौरान कथित रूप से घटना में शामिल छात्रों और प्रधानाध्यापक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने नारेबाजी करते हुए विद्यालय परिसर में ताला भी जड़ दिया।

खत्री ने बताया कि स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने पर पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित छात्राओं, उनके परिजनों और कथित रूप से घटना में शामिल छात्रों के बयान दर्ज किए।

उन्होंने बताया कि छात्राओं ने आरोप लगाया है कि कुछ छात्रों ने उनकी पानी की बोतल में कथित तौर पर पेशाब मिलाकर उन्हें पिला दिया।

छात्राओं के अनुसार, जब उन्होंने इसकी शिकायत प्रधानाध्यापक से की तो उन्होंने असंवेदनशील रवैया अपनाते हुए कथित तौर पर कहा, ‘‘मुंह खराब हो गया हो तो 10-10 रुपये वाली चॉकलेट खा लो।’’

छात्राओं ने उसी दिन अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी थी। इसके बाद परिजन मंगलवार को विद्यालय पहुंचे और घटना के विरोध में हंगामा तथा नारेबाजी की।

प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।

भाषा सं ब्रजेन्द्र खारी

खारी