उत्तर में लड़कियों को रसोई संभालने, बच्चे पैदा करने के लिए कहा जाता है: द्रमुक सांसद दयानिधि मारन

उत्तर में लड़कियों को रसोई संभालने, बच्चे पैदा करने के लिए कहा जाता है: द्रमुक सांसद दयानिधि मारन

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  • Publish Date - January 14, 2026 / 03:37 PM IST,
    Updated On - January 14, 2026 / 03:37 PM IST

चेन्नई, 14 जनवरी (भाषा) द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता दयानिधि मारन ने बुधवार को कहा कि तमिलनाडु में लड़कियों को पढ़ाई करने के लिए कहा जाता है, जबकि उत्तर भारत में लड़कियों को घर पर रहने, रसोई में काम करने और बच्चे पैदा करने के लिए कहा जाता है।

यहां उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन की अध्यक्षता में आयोजित एक समारोह में मारन ने कहा कि एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार ‘द्रविड़ मॉडल’ शासन है जो ‘सबके लिए सब कुछ’ के विचार के साथ कार्य करती है।

द्रमुक सांसद ने कहा कि विशेष रूप से तमिलनाडु में लड़के-लड़कियों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे सरकार द्वारा वितरित लैपटॉप का लाभ उठाएं और आत्मविश्वास के साथ साक्षात्कार का सामना करें या स्नातकोत्तर में दाखिला लें।

मारन ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘तमिलनाडु में हम लड़कियों को पढ़ने के लिए कहते हैं। लेकिन उत्तर भारत में क्या कहा जाता है? वे कहते हैं कि लड़कियों को काम पर नहीं जाना चाहिए, घर पर रहना चाहिए, रसोई संभालना चाहिए, बच्चे पैदा करने चाहिए, यही तुम्हारा काम है। वे इस तरह की बातें कहते हैं।’

उन्होंने कहा, ‘…यह तमिलनाडु है। यह द्रविड़ नाडु है। यह (दिवंगत द्रमुक नेता) एम. करुणानिधि, (पूर्व मुख्यमंत्री) अन्ना और (मुख्यमंत्री) एम. के. स्टालिन की भूमि है। इस धरती पर आपकी (महिलाओं की) प्रगति तमिलनाडु की प्रगति है। वैश्विक कंपनियां चेन्नई क्यों आती हैं? क्योंकि यहां हर कोई न केवल तमिल में बल्कि अंग्रेजी में भी शिक्षित है।’

भाषा नोमान मनीषा

मनीषा