अलीपुर चिड़ियाघर में मांसाहारी जानवरों को दिया जा रहा बकरे का मांस, भैंसों के वध पर रोक से बढ़ा खर्च

अलीपुर चिड़ियाघर में मांसाहारी जानवरों को दिया जा रहा बकरे का मांस, भैंसों के वध पर रोक से बढ़ा खर्च

अलीपुर चिड़ियाघर में मांसाहारी जानवरों को दिया जा रहा बकरे का मांस, भैंसों के वध पर रोक से बढ़ा खर्च
Modified Date: August 3, 2026 / 04:06 pm IST
Published Date: August 3, 2026 4:06 pm IST

कोलकाता, तीन अगस्त (भाषा) कोलकाता नगर निगम के बूचड़खाने में भैंसों के वध पर रोक लगने के कारण कोलकाता में राज्य संचालित अलीपुर प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) के प्राधिकारियों को मांसाहारी जानवरों को बकरे का मांस खिलाना पड़ रहा है, जिससे चिड़ियाघर के भोजन पर होने वाले खर्च में काफी वृद्धि हुई है। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को दी।

अधिकारी ने बताया कि तंगरा स्थित केएमसी के बूचड़खाने में भैंस और गोवंश के अन्य पशुओं के वध पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्य में सत्ता में आने के बाद से रोक लगी हुई है। चिड़ियाघर को मांस की आपूर्ति करने वाले ठेकेदारों का आरोप है कि नगर निकाय ने उनके लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया, जिसके कारण उन्हें कहीं अधिक महंगा बकरे का मांस खरीदना पड़ रहा है।

इससे पहले चिड़ियाघर के आठ बाघों, ग्रे वुल्फ (भेड़िये) के एक जोड़े और एशियाई शेरों के एक जोड़े को भैंस का मांस खिलाया जाता था।

यह मामला हाल ही में वन मंत्री मनोज कुमार उरांव के साथ मांस आपूर्तिकर्ताओं की बैठक में प्रमुखता से उठा। अधिकारी ने बताया कि किसी राज्य के वन मंत्री और मांस आपूर्तिकर्ताओं के बीच इस तरह की यह पहली बैठक थी।

उन्होंने कहा कि मंत्री ने आपूर्तिकर्ताओं को आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार इस मुद्दे के समाधान के लिए जल्द से जल्द केएमसी के साथ इस मामले को उठाएगी।

अधिकारी ने कहा कि तब तक चिड़ियाघर के मांसाहारी जानवरों को बकरे का मांस ही दिया जाएगा और उनके भोजन की मात्रा या गुणवत्ता में कोई कमी नहीं की जाएगी।

निविदा दस्तावेजों के अनुसार, चिड़ियाघर को सालाना लगभग 51,000 किलोग्राम भैंस के मांस की आवश्यकता होती है। बिना हड्डी वाले भैंस के मांस की कीमत लगभग 350 रुपये प्रति किलोग्राम, जबकि हड्डी सहित मांस की कीमत लगभग 270 रुपये प्रति किलोग्राम है। चिड़ियाघर हर साल लगभग 2,800 किलोग्राम भैंस का कीमा भी खरीदता है, जिसकी कीमत 285 रुपये प्रति किलोग्राम है।

इसके विपरीत, चिड़ियाघर को सालाना केवल लगभग 980 किलोग्राम बकरे के मांस की आवश्यकता होती है। हालांकि, बिना हड्डी वाले बकरे के मांस की कीमत लगभग 728 रुपये प्रति किलोग्राम और हड्डी सहित मांस की कीमत लगभग 695 रुपये प्रति किलोग्राम है। बकरे के कीमे की कीमत लगभग 726 रुपये प्रति किलोग्राम है, जिससे बकरे के मांस पर निर्भर होने के बाद चिड़ियाघर का खर्च काफी बढ़ गया है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘कोलकाता में बकरे और मेमने के मांस की अधिक मांग के कारण मांस आपूर्तिकर्ताओं के सामने विचित्र स्थिति पैदा हो गई है, जिससे पहले की तुलना में अब आपूर्ति की मात्रा में असंतुलन हो गया है। इसके अलावा, बाघ और शेर जैसे बड़े मांसाहारी जानवर भैंस का मांस अधिक पसंद करते हैं, जबकि फिलहाल उन्हें केवल बकरे का मांस ही मिल रहा है। उन्हें चिकन भी पसंद नहीं है।’’

भाषा अमित दिलीप

दिलीप


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