टीवीके के साथ जाना ‘पीठ में छुरा घोंपना’ नहीं, भाजपा को रोकना है मकसद: कांग्रेस

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टीवीके के साथ जाना ‘पीठ में छुरा घोंपना’ नहीं, भाजपा को रोकना है मकसद: कांग्रेस

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  • Publish Date - May 6, 2026 / 05:20 PM IST,
    Updated On - May 6, 2026 / 05:20 PM IST

नयी दिल्ली, छह मई (भाषा) कांग्रेस ने तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) के साथ गठबंधन को द्रमुक द्वारा ‘पीठ में छुरा घोंपना’ बताए जाने के बाद बुधवार को कहा कि तमिलनाडु में भाजपा को रोकने के मकसद से यह कदम उठाया गया है।

पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह भी याद दिलाया कि 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले द्रमुक ने कांग्रेस के साथ गठबंधन खत्म करने का एकतरफा फैसला किया था।

खेड़ा ने संवाददातओं से कहा, ‘‘दिसंबर, 2013 में द्रमुक ने खुद निर्णय लिया कि 2014 का लोकसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। क्या उस वक्त उनसे पूछा गया था कि यह पीठ में छुरा घोंपना है?’’

उनका कहना था, ‘‘ इसे पीठ में छुरा घोंपना नहीं कह सकते। दो पार्टियां हैं, मिलकर चुनाव लड़ीं। मकसद क्या है? मकसद है कि कीचड़ नहीं फैलना चाहिए। कीचड़ को फैलने से रोकने के लिए समान विचार वाली पार्टियां मिलकर सरकार बना रही हैं तो उसमें क्या आपत्ति है।’’

उन्होंने कहा कि जहां कीचड़ फैलता है वहां कमल खिलता है।

कमल का फूल भाजपा का चुनाव निशान है।

कांग्रेस ने बुधवार को टीवीके को तमिलनाडु में नई सरकार के गठन के लिए समर्थन देने की घोषणा की और कहा कि दोनों का नया गठबंधन भविष्य में स्थानीय निकाय, लोकसभा और राज्यसभा चुनावों के लिए भी है।

देश के मुख्य विपक्षी दल ने विजय को यह समर्थन इस शर्त के साथ दिया है कि टीवीके इस गठबंधन से ‘‘सांप्रदायिक ताकतों’’ को दूर रखेगी।

कांग्रेस के टीवीके के साथ जाने के फैसले के साथ ही द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के साथ उसके वर्षों पुराने गठबंधन का पटाक्षेप तय माना जा रहा है।

द्रमुक कांग्रेस पार्टी के सबसे पुराने सहयोगियों में से एक है और दोनों दलों ने पहली बार 1971 में सबसे पहले हाथ मिलाया था जब विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ हुए थे। द्रमुक 2004 से 2013 तक संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का हिस्सा थी। इसके बाद 2014 में द्रमुक अकेले लड़ी। 2016 में कांग्रेस ने द्रमुक के साथ फिर से गठबंधन किया।

द्रमुक ने टीवीके के साथ जाने के कांग्रेस के कदम को पीठ में छुरा घोंपना करार दिया है।

भाषा हक हक नरेश

नरेश