नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की पूरी मंत्रिपरिषद् के दो दिवसीय चिंतन शिविर के पहले दिन बुधवार को सुशासन, सुधारों और कल्याणकारी व विकास योजनाओं के माध्यम से महिलाओं तथा युवाओं तक संपर्क साधने सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक से अवगत सूत्रों ने बताया कि चार घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक के दौरान मंत्रियों ने विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच बेहतर तालमेल के साथ सरकार की क्रियान्वयन प्रणाली को मजबूत बनाने पर भी चर्चा की।
सूत्रों ने बताया कि मंत्रियों को आठ समूहों में बांटा गया था, और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रत्येक समूह के साथ बातचीत की।
माना जाता है कि मोदी ने मंत्रियों से सुझाव लिये और उन्हें सरकार के विभिन्न पहलुओं को आगे बढ़ाने के बारे में सलाह दी।
सूत्रों के अनुसार, मंत्रियों ने सुशासन, प्रशासनिक सुधारों और कल्याणकारी तथा विकास योजनाओं के जरिए महिलाओं व युवाओं से संपर्क साधने से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
मंत्रियों ने इस दौरान ‘जन विश्वास से जन आधार’, सरकार के कामकाज के सभी पहलुओं में सुधार तथा ‘विकसित भारत-2047’ के लिए तय प्राथमिकताओं समेत अन्य मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित दो-दिवसीय मंथन सत्र का मुख्य उद्देश्य मंत्रालयों और विभागों के काम का जायजा लेना, उनके बीच तालमेल बेहतर करना, सरकार के भविष्य का एजेंडा और योजनाएं तैयार करना तथा कल्याणकारी योजनाओं एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर जारी काम की समीक्षा करना है।
इस तरह की बैठक के जरिये सरकार के विभिन्न पहलुओं का जायजा लेने का काम अगले हफ्ते भी होने की उम्मीद है।
‘विकसित भारत’ कवायद 2021 से जारी है। इसके तहत ‘विजन 2047’ और इसके लघु अवधि एवं दीर्घ अवधि के रोडमैप को तैयार करने के लिए सचिवों के 10 क्षेत्र-आधारित समूह बनाए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस कवायद के लिए हितधारकों के साथ व्यापक स्तर पर परामर्श भी किया गया। तब से, ‘विकसित भारत 2047’ के विभिन्न पहलुओं पर मंत्रिपरिषद के समक्ष आठ प्रस्तुतियां और चर्चाएं हो चुकी हैं।
मौजूदा चिंतन शिविर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। यह सचिवों, मंत्रालयों और विभागों, कैबिनेट सचिवालय और नीति आयोग के समूहों द्वारा किए जा रहे काम को एक मंच पर लाता है, जिनमें सुधार, जीवन को आसान बनाना, नियमों के पालन को सहज करना और शासन से जुड़ी अन्य प्राथमिकताएं शामिल हैं।
चिंतन शिविर में सरकारी योजनाओं की प्रगति, नीतियों के कार्यान्वयन, समय प्रबंधन, मंत्रालयों के बीच तालमेल और जन-सेवाएं प्रदान करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री, विभिन्न सुधारों पर जोर देते रहे हैं और उन्होंने पहले भी अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों से कहा था कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना और जीवन को आसान बनाना सरकार का मुख्य ध्येय होना चाहिए।
इसी तरह की कवायद 21 अक्टूबर 2021 को भी की गई थी। उस समय चर्चा का मुख्य विषय शासन और नीति निर्माण था तथा इस कवायद का उद्देश्य मंत्रियों को सरकार के समक्ष पेश आ रही चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना है।
हाल ही में मंत्रियों और मंत्रालयों को कई निर्देश जारी किए गए हैं, जिनमें मंत्रालयों के कार्यों के लिए ‘लाइव डैशबोर्ड’ बनाना, प्रगति की समीक्षा करना और सुझाव पाने के लिए सभी कर्मचारियों के साथ बातचीत करना शामिल है।
इस महीने की शुरुआत में, प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से मंत्रालयों और विभागों की आधिकारिक वेबसाइट को अधिक से अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने पर काम करने के लिए कहा था।
भाषा खारी वैभव
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