नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) दिल्ली की सभी जिला अदालतों की बार एसोसिएशन की समन्वय समिति ने बृहस्पतिवार को प्रस्तावित हड़ताल और उपराज्यपाल के आवास तक निकाले जाने वाले विरोध मार्च को वापस ले लिया।
समिति यातायात चालानों के निपटान की प्रणाली से संबंधित केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में हाल में किए गए संशोधनों का विरोध कर रही है।
इन संशोधनों में कार्यकारी और विभागीय अधिकारियों द्वारा विवादित यातायात चालानों का निपटारा करना और सक्षम अदालत का रुख करने से पहले चालान राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा जमा करने की अनिवार्यता शामिल है।
नयी दिल्ली बार एसोसिएशन (एनडीबीए) के एक बयान के अनुसार, समिति के एक प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली के मुख्यमंत्री, कानून मंत्री और परिवहन मंत्री के साथ चर्चा के लिए बुलाया गया था।
इसमें कहा गया कि प्रतिनिधिमंडल ने यातायात चालानों के निपटान के लिए एक नयी प्रणाली शुरू करने के संबंध में कानूनी बिरादरी की शिकायतों और चिंताओं पर विस्तार से चर्चा की।
विस्तृत विचार-विमर्श के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिसूचना के कार्यान्वयन को तब तक के लिए रोक दिया है जब तक कि उचित विचार-विमर्श के बाद कोई ठोस समाधान नहीं निकल जाता।
भाषा प्रचेता वैभव
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