सरकारी स्कूल का अपना समाचार पत्र, विद्यार्थी संभालते हैं पत्रकारिता की पूरी कमान

सरकारी स्कूल का अपना समाचार पत्र, विद्यार्थी संभालते हैं पत्रकारिता की पूरी कमान

सरकारी स्कूल का अपना समाचार पत्र, विद्यार्थी संभालते हैं पत्रकारिता की पूरी कमान
Modified Date: August 9, 2026 / 05:14 pm IST
Published Date: August 9, 2026 5:14 pm IST

अविनाश बाकोलिया

जयपुर, नौ अगस्त (भाषा) राजस्थान के टोंक जिले के निवाई स्थित पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, राहोली ने शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनूठी पहल की है। स्कूल अपना समाचार पत्र प्रकाशित कर रहा है और इसमें संपादक से रिपोर्टर तक का काम छात्र ही संभालते हैं ।

विद्यालय की ओर से दो अखबार – ‘राहोली शिक्षा समाचार’ हिन्दी में जबकि ‘राहोली एजुकेशन टाइम्स’ अंग्रेजी में – ऑफलाइन एवं ऑनलाइन प्रकाशित किये जा रहे हैं।

विद्यालय का यह समाचार पत्र विद्यार्थियों की रचनात्मकता, पत्रकारिता कौशल और नेतृत्व क्षमता को निखारने का सशक्त मंच बन गया है। खास बात यह है कि समाचार पत्र के निर्माण से लेकर उसके प्रकाशन तक की लगभग सभी प्रक्रिया कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों द्वारा संचालित की जाती है।

विद्यालय में आयोजित होने वाली शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेलकूद, सामाजिक, पर्यावरणीय तथा नवाचार संबंधी गतिविधियों का समाचार संकलन, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, साक्षात्कार, समाचार लेखन, संपादन, ग्राफिक डिजाइनिंग और पेज लेआउट जैसे महत्वपूर्ण कार्य विद्यार्थी स्वयं करते हैं।

कोई विद्यार्थी फोटोग्राफर, कोई संवाददाता, कोई समाचार लेखक, कोई ग्राफिक डिजाइनर तो कोई संपादन सहयोगी की भूमिका निभाता है। शिक्षक पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शक एवं संरक्षक की भूमिका निभाते हैं।

विद्यार्थियों को इन कार्यों के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है। समय-समय पर पत्रकार, संपादक और कन्टेंट राइटर को अतिथि के तौर पर विद्यालय में बुलाया जाता है, ताकि विद्यार्थियों को पत्रकारिता की व्यावहारिक जानकारी मिल सके।

समाचार पत्र के संचालन के लिए विद्यालय में एक संपादक मंडल का गठन किया गया है। इसमें प्रधानाचार्य डॉ. योगेन्द्र सिंह नरूका, शिक्षिका पूजा पाटीदार तथा चयनित विद्यार्थी शामिल रहते हैं। यह मंडल विद्यार्थियों को पत्रकारिता की बारीकियों से परिचित कराता है और समाचारों की गुणवत्ता सुनिश्चित करता है। प्रत्येक वर्ष संपादक मंडल का पुनर्गठन किया जाता है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को नेतृत्व और सीखने का अवसर मिल सके। इससे विद्यार्थियों में सहभागिता, जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है।

इस नवाचार की प्रेरणा विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. योगेन्द्र सिंह नरूका के पत्रकारिता अनुभव से मिली। पत्रकारिता का अध्ययन कर चुके डॉ. नरूका ने पीटीआई-भाषा को बताया कि राहोली जैसे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्र में कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने पाया कि बहुत कम विद्यार्थियों के घरों में समाचार पत्र आते हैं। साथ ही विद्यालय में होने वाले अनेक नवाचारपूर्ण कार्यों और उपलब्धियों को प्रमुख समाचार पत्रों में पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता था।

उन्होंने बताया कि जब कभी विद्यालय की किसी उपलब्धि का समाचार फोटो सहित प्रकाशित होता था, तो विद्यार्थी उसे बार-बार पढ़ते, अपने साथियों को दिखाते और अत्यंत उत्साहित होते थे। इसी अनुभव से विद्यालय का अपना समाचार पत्र प्रकाशित करने का विचार विकसित हुआ।

नरूका के अनुसार, सत्र 2022 में विद्यालय की त्रैवार्षिक विकास योजना पर आधारित एक पुस्तक प्रकाशित की गई। इस सफल प्रयास के बाद सत्र 2023 में अपने खर्च से ‘राहोली शिक्षा समाचार’ का प्रथम अंक प्रकाशित कराया गया। इसके बाद समाचार पत्र के नियमित प्रकाशन में विद्यालय के शिक्षक साथियों का सहयोग प्राप्त हुआ और यह पहल एक सशक्त शैक्षिक नवाचार के रूप में विकसित होती गई।

नरूका ने कहा कि प्रिंट संस्करण बजट एवं समय की उपलब्धता के अनुसार मासिक, त्रैमासिक अथवा विशेष अवसरों पर प्रकाशित किया जाता है। कभी-कभी परिस्थितियों के अनुसार विलम्ब होने पर वार्षिकांक भी प्रकाशित किया जाता है, जिसमें पूरे वर्ष की प्रमुख गतिविधियों, उपलब्धियों और नवाचारों का संकलन प्रस्तुत किया जाता है।

उन्होंने बताया कि इस पहल के लिए सरकार से कोई पृथक वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं होती। समाचार पत्र के प्रकाशन एवं वितरण के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग विद्यालय के शिक्षकगण स्वेच्छा से उपलब्ध कराते हैं। शिक्षक साथियों की सहभागिता के कारण यह नवाचार निरंतर आगे बढ़ रहा है तथा विद्यार्थियों तक निःशुल्क पहुंच रहा है।

समाचार पत्र की प्रतियां विद्यार्थियों में वितरित की जाती हैं, ताकि वे अपनी उपलब्धियों और विद्यालय की गतिविधियों को पढ़कर प्रेरणा प्राप्त कर सकें।

भाषा बाकोलिया रंजन नरेश

नरेश


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