सरकार श्रम संहिता लागू कर गिग कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगी : मांडविया

सरकार श्रम संहिता लागू कर गिग कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगी : मांडविया

सरकार श्रम संहिता लागू कर गिग कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगी : मांडविया
Modified Date: July 30, 2026 / 05:11 pm IST
Published Date: July 30, 2026 5:11 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार श्रम संहिता (श्रम कानूनों) के प्रावधानों को लागू कर गिग कर्मियों के हितों की रक्षा करेगी और उन्हें सामाजिक सुरक्षा देगी।

राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भारत में गिग कर्मी व्यवस्था एक नयी और उभरती हुई व्यवस्था है।

मांडविया ने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 80 लाख गिग कर्मी हैं और उनमें से लगभग 10 लाख ‘ई-श्रम पोर्टल’ पर पंजीकृत हैं।

मंत्री ने कहा कि श्रम संहिता के तहत, गिग कर्मियों को मान्यता दी गई है और उन्हें कानूनी दर्जा भी दिया गया है, जो कर्मचारियों के तौर पर उनके अधिकारों की रक्षा करने की सरकार की कोशिशों का हिस्सा है।

‘गिग कर्मी’ का मतलब है ऐसा व्यक्ति जो पारंपरिक नियोक्ता-कर्मचारी रिश्ते से बाहर रहकर काम करता है या किसी काम की व्यवस्था में शामिल होता है और ऐसी गतिविधियों से कमाई करता है।

मांडविया ने कहा कि सरकार ने गिग कर्मी को सामाजिक सुरक्षा देने और उनके हितों की रक्षा करने के लिए प्रावधान किए हैं।

मंत्री ने कहा, ‘मैं सदन को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि श्रम संहिता में गिग कर्मियों के हितों की रक्षा के लिए किए गए प्रावधानों को लागू करके उनकी सुरक्षा सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।’

मोदी सरकार के तहत, लगभग 101 करोड़ लोग अलग-अलग सामाजिक सुरक्षा योजना के दायरे में आते हैं।

एक अन्य प्रश्न के लिखित जवाब में, मांडविया ने बताया कि श्रम भारत के संविधान की समवर्ती सूची का विषय है इसलिए, केंद्र सरकार और राज्य सरकारें दोनों ही अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में श्रम कानूनों को लागू करने और उनका पालन कराने के लिए जिम्मेदार हैं।

उन्होंने कहा, ‘श्रम संहिता के तहत, केंद्र सरकार और राज्य सरकारें अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में श्रमिकों के हितों की रक्षा करने और कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाती हैं।’

श्रम संहिता में श्रमिकों को मिलने वाली सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई प्रावधान हैं।

भाषा

माधव वैभव

वैभव


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