जयपुर, 21 जनवरी (भाषा) मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि उनकी सरकार किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जीव रक्षा हित में बिश्नोई समाज का अमूल्य योगदान रहा है इसलिए देश-दुनिया में उनकी अलग पहचान है।
गहलोत शनिवार को गंगानगर जिले के रायसिंहनगर स्थित श्री बिश्नोई मंदिर समिति बुड्ढा जोहड़ (डाबला) में आयोजित श्री जम्भवाणी हरि कथा के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
गहलोत ने कहा कि श्री जम्भेश्वर भगवान की शिक्षा और उनके आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और जीव रक्षा हित के लिए जो दिशा दिखाई थी, समाज उसी पर चलकर कार्य कर रहा है। उन्होंने खेजड़ली बलिदान को भी याद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए चार साल में 211 नए महाविद्यालय खोले हैं, जिनमें 94 कन्या महाविद्यालय हैं। साथ ही, जिस भी राजकीय विद्यालय में 500 छात्राएं हैं, वहां कन्या महाविद्यालय संचालित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आगामी बजट युवाओं और विद्यार्थियों पर केंद्रित रहेगा। उन्होंने डाबला में महाविद्यालय की मांग को पूरा करने के लिए आश्वस्त किया।
गहलोत ने कहा कि सरकार किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है। किसानों के पाला (ठंड) से प्रभावित फसलों का अनुमान लगाने के लिए गिरदावरी करवाई जा रही है। उन्होंने राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं के बारे में कहा कि राजस्थान जैसी योजनाएं देश में और कहीं भी नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करें, ताकि इनका लाभ गांव-ढांणी तक पहुंच सके।
इससे पहले गहलोत ने ऐतिहासिक गुरुद्वारा बुड्ढा जोहड़ में मत्था टेका। आधिकारिक बयान के अनुसार, गंगानगर हनुमानगढ़ जिले के अपने दो दिन के दौरे के अंतिम दिन गहलोत ने शनिवार सुबह रायसिंहनगर क्षेत्र में ऐतिहासिक गुरुद्वारा बुड्ढा जोहड़ (डाबला) में मत्था टेका। उन्होंने प्रदेशवासियों के भले के लिए अरदास की। इस अवसर पर गुरुद्वारे के प्रमुख ग्रंथी ने गहलोत और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा सहित अन्य को सरोपा भेंट किया।
गहलोत ने कहा कि जिस तरह से गुरु घर में सदियों से लंगर की परंपरा चली आ रही है, उसी तरह ‘कोई भूखा नहीं सोए‘ संकल्प के साथ राज्य सरकार इंदिरा रसोई के माध्यम से सिर्फ आठ रुपये में जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने गुरु नानक देव और गुरु गोविंद सिंह को याद करते हुए प्रदेशवासियों से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। गहलोत ने गुरुद्वारे में बैठकर ‘गुरु जस का गान सुना’ और सरोवर का निरीक्षण भी किया। गहलोत इस दौरान आम लोगों से भी मिले और सरकार की योजनाओं के बारे में उनकी राय जानी।
भाषा पृथ्वी अर्पणा
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