नयी दिल्ली, 30 नवंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व पदाधिकारी और राजनीतिक विचारक के.एन. गोविंदाचार्य ने बृहस्पतिवार को प्रकृति के संरक्षण के लिए एक मुहिम की शुरूआत की तथा पर्यावरण-हितैषी विकास और नीतिगत हस्तक्षेप पर जोर दिया।
यहां रामलीला मैदान में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संगठनों के सदस्यों के साथ-साथ पर्यावरण कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों की एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता का विकेंद्रीकरण प्रकृति के संरक्षण की रणनीति का हिस्सा है।
उन्होंने ‘प्रकृति संवाद’ कार्यक्रम में कहा, ‘‘यह कोई आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का अभियान है…इसकी कई धाराएं होंगी और पहला काम प्रकृति संरक्षण के लिए स्थानीय स्तर पर आम सहमति बनाने का होगा।’’
उन्होंने कहा कि आम सहमति के लिए पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय लोगों के साथ निरंतर बातचीत, उनसे सीखने और उनकी मदद करने की आवश्यकता होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रोफेसर विमलेश पंत ने जलवायु परिवर्तन के हानिकारक प्रभाव के प्रति आगाह करते हुए कहा कि सरकार और वैज्ञानिकों को इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
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