वर्ष 2028 तक असम को 10 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनाना सरकार का लक्ष्य : हिमंत

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वर्ष 2028 तक असम को 10 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनाना सरकार का लक्ष्य : हिमंत

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  • Publish Date - May 26, 2026 / 01:06 PM IST,
    Updated On - May 26, 2026 / 01:06 PM IST

गुवाहाटी, 26 मई (भाषा) मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार 2028 तक असम को 10 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए काम करेगी।

विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव के परिणाम इस बात की पुष्टि करते हैं कि भाजपा-नीत राजग राज्य में शांति और समृद्धि के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

शर्मा ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पेश करना इस बात का प्रमाण है कि सरकार अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा, “राजग की सीटों की संख्या केवल 102 तक ही नहीं पहुंची, बल्कि उसके उम्मीदवारों को मिले वोटों में भी इस बार 15 लाख की वृद्धि हुई। भाजपा उम्मीदवारों को 81.92 लाख से अधिक वोट मिले, असम गण परिषद (एजीपी) को 14 लाख और बीपीएफ को आठ लाख वोट मिले, और राजग ने कुल मिलाकर एक करोड़ वोटों का आंकड़ा पार कर लिया।”

उन्होंने आगे कहा कि राजग ने अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित सभी सीटों पर जीत हासिल की, तथा अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों में से एक को छोड़कर सभी पर जीत दर्ज की।

शर्मा ने कहा कि चुनाव परिणामों से यह स्पष्ट हुआ कि जनता ने व्यक्तिगत हमलों और गायक जुबिन गर्ग की मृत्यु के राजनीतिकरण को खारिज कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले ही विधानसभा सत्र में यूसीसी विधेयक लाने का अपना वादा पूरा किया है।

उन्होंने कहा, “यूसीसी विधेयक पेश करना इस बात का प्रमाण है कि हमारी सरकार अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुझे उम्मीद है कि विपक्ष इसे समर्थन देगा।”

मुख्यमंत्री ने बकरीद के दौरान कई ईदगाह समितियों द्वारा गाय की कुर्बानी से परहेज करने के फैसले की भी सराहना की।

चर्चा के दौरान कई विधायकों द्वारा उठाए गए महंगाई के मुद्दे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और इसे नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

भाषा रंजन वैभव

वैभव