एनआईए ने 2025 के सिरसा ग्रेनेड हमला मामले में नौ के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया

Ads

एनआईए ने 2025 के सिरसा ग्रेनेड हमला मामले में नौ के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया

  •  
  • Publish Date - May 26, 2026 / 03:26 PM IST,
    Updated On - May 26, 2026 / 03:26 PM IST

नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने पिछले साल हरियाणा के सिरसा कस्बे में एक महिला पुलिस थाने पर हुए ग्रेनेड हमले के सिलसिले में दो पाकिस्तानी नागरिकों सहित नौ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। एजेंसी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

पंचकुला स्थित विशेष एनआईए अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया।

एनआईए ने कहा कि 25 नवंबर, 2025 को हुए हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। एजेंसी ने कहा कि यह हमला पाकिस्तानी गैंगस्टर से आतंकवादी बने शाहजाद द्वारा भारत में पुलिस प्रतिष्ठानों और कर्मियों को निशाना बनाकर लोगों में दहशत फैलाने की साजिश का हिस्सा था।

चार्जशीट में जिन नौ लोगों की पहचान की गई है, उनमें पाकिस्तानी नागरिक और उनके हैंडलर शहजाद भट्टी और सोहेल अहमद उर्फ ​​सोहेल बलूच, साथ ही गिरफ्तार किए गए भारतीय नागरिक धीरज उर्फ ​​धीरू, विकास उर्फ ​​विक्की, संदीप उर्फ ​​दैमर, विकास, सुशील उर्फ ​​सिल्लू, मोहम्मद सिजान उर्फ ​​सिजान उर्फ ​​गाजी और गुरजंत सिंह शामिल हैं।

एनआईए की जांच के अनुसार, शाहजाद और सोहेल ने सोशल मीडिया मंच और कूटरचित संचार चैनलों के माध्यम से आरोपियों की भर्ती की और उन्हें कट्टरपंथी बनाया।

बयान में कहा गया है कि साजिश के तहत भारत में संचालनात्मक तंत्र स्थापित किए गए थे और स्थानीय संचालकों को पुलिस प्रतिष्ठानों पर ग्रेनेड हमले करने का काम सौंपा गया था।

एनआईए ने कहा कि धीरज भारत में स्थित प्रमुख कर्ताधर्ता था जो स्थानीय मॉड्यूल के साथ हमलों के समन्वय के लिए जिम्मेदार था।

बयान के अनुसार, संभावित लक्ष्यों की टोह लेने के बाद, आरोपियों ने हमले के लिए सिरसा स्थित महिला पुलिस थाने को चुना।

एजेंसी ने कहा, जांच में यह भी पता चला कि गुरजंत से हमले में इस्तेमाल किया गया ग्रेनेड खरीदने के लिए आरोपी अमृतसर गया था।

इसमें कहा गया है कि आरोपी ने प्रसार और प्रचार के लिए ग्रेनेड हमले को मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड किया था।

भाषा प्रशांत पवनेश

पवनेश