सोनम वांगचुक के अनशन की अनदेखी कर सरकार क्रूरता कर रही : अभिजीत दीपके

सोनम वांगचुक के अनशन की अनदेखी कर सरकार क्रूरता कर रही : अभिजीत दीपके

सोनम वांगचुक के अनशन की अनदेखी कर सरकार क्रूरता कर रही : अभिजीत दीपके
Modified Date: July 15, 2026 / 04:20 pm IST
Published Date: July 15, 2026 4:20 pm IST

नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) कार्यकर्ता सोनम वांगचुक बुधवार को अपनी भूख हड़ताल के 18वें दिन भी लगातार चिकित्सकीय निगरानी में हैं। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत नहीं करने को लेकर सरकार को ‘‘क्रूर’’ बताया।

कॉजपा का मेडिकल की प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ में कथित अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन बुधवार को 26वें दिन में प्रवेश कर गया। कॉजपा की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, वांगचुक अभी भी ‘‘बहुत कमजोर’’ हैं और लगातार चिकित्सकीय निगरानी में हैं।

वांगचुक का वजन घटकर 57.15 किलोग्राम रह गया है। पिछले 24 घंटे में उनका वजन 400 ग्राम कम हुआ है। भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से अब तक उनका कुल वजन 8.9 किलोग्राम कम हो चुका है।

मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, उनका रक्तचाप 105/76, रक्त शर्करा का स्तर 80 एमजी/डीएल और ऑक्सीजन संतृप्ति 97 प्रतिशत दर्ज की गई। शरीर में पानी का स्तर संतोषजनक बताया गया है।

डॉक्टरों ने बताया कि वह होश में हैं और मानसिक रूप से पूरी तरह सतर्क हैं, लेकिन उन्हें लगातार निगरानी की आवश्यकता है।

दीपके ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 18वां दिन है। जिस व्यक्ति ने आत्महत्या करने वाले छात्रों के लिए न्याय की मांग को लेकर अपनी जान दांव पर लगाने का फैसला किया, उसे सरकार की ओर से केवल चुप्पी मिली है। सरकार न केवल जवाबदेही से बच रही है, बल्कि वह क्रूर भी है।’’

दीपके ने कहा कि जिन सवालों के जवाब मिलने चाहिए, वे ये हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बातचीत करने से क्यों इनकार कर रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अब तक जवाबदेह क्यों नहीं ठहराया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह पूछने के बजाय कि विपक्ष के नेता ने कॉजपा का समर्थन क्यों नहीं किया या कॉजपा की टीम का हर सदस्य सोनम सर के साथ भूख हड़ताल पर क्यों नहीं बैठा है, उन सवालों को पूछिए जो वास्तव में मायने रखते हैं।’’

कॉजपा ने वांगचुक और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में 16 जुलाई को एक दिवसीय सामूहिक भूख हड़ताल करने की भी घोषणा की।

एक अलग मंच पर, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) नेता नेहा, मनीष और आमीन ने स्वास्थ्य बिगड़ने के बावजूद अपनी भूख हड़ताल जारी रखी।

मंगलवार को विभिन्न क्षेत्र की हस्तियों ने वांगचुक से भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की थी।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश


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