रांची, 21 अगस्त (भाषा) झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार भर्ती परीक्षाएं रद्द किए जाने से जुड़े मामलों में उच्च न्यायालय में मजबूती से पैरवी नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि छात्र संगठन 24 अगस्त से ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ शुरू करेगा।
महतो ने चेतावनी दी कि अगर सरकार 15 सितंबर को झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने में विफल रहती है, तो वे मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की योजना बनाएंगे। इन मामलों की सुनवाई 15 सितंबर को होनी है।
उच्च न्यायालय ने इससे पहले शुक्रवार को बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा के माध्यम से भर्ती किए गए अभ्यर्थियों की नियुक्तियां रद्द करने वाली अधिसूचनाओं पर रोक लगा दी।
अदालत ने बृहस्पतिवार को झारखंड लोक सेवा आयोग की 11वीं और 13वीं परीक्षाओं को रद्द करने वाली अधिसूचनाओं पर भी रोक लगा दी थी।
इसके अलावा खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्तियां रद्द करने के आदेश पर भी रोक लगा दी गई थी।
महतो ने कहा, ‘‘जब अदालत ने सरकार से मामले में अपना पक्ष रखने को कहा, तो प्रदेश सरकार के महाधिवक्ता पहले ही दिन अदालत में क्यों नहीं पहुंचे और सरकार ने अपनी सीआईडी जांच को मजबूती से अदालत के सामने क्यों नहीं रखा? इससे राज्य के छात्रों और आम जनता को नुकसान हुआ है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब हम 24 अगस्त को दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जन्मस्थली नेमरा से ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ शुरू करने जा रहे हैं।’’
महतो ने कहा कि ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ राज्य के सभी 24 जिलों से होकर गुजरेगी और इसका उद्देश्य छात्रों और आम जनता को सरकार द्वारा मामले को कथित तौर पर दबाने के प्रयास के बारे में जागरूक करना है।
भाषा जितेंद्र नरेश
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