नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में “शिक्षा माफिया” को बचा रही सरकार: पायलट
नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में “शिक्षा माफिया” को बचा रही सरकार: पायलट
जयपुर, 24 मई (भाषा) कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) प्रश्नपत्र लीक मामले पर रविवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की और आरोप लगाया कि सरकार “शिक्षा माफिया” को बचा रही है तथा लाखों छात्रों के भविष्य की रक्षा करने में विफल रही है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक होना केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि एक “गंभीर अपराध” है जिसने 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के सपनों को तोड़ दिया है।
उन्होंने यह बयान झुंझुनूं जिले के गुड़ा गौड़जी में नीट अभ्यर्थी को श्रद्धांजलि देने और शोकाकुल परिवार से मिलने के दौरान दिया।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए पायलट ने कहा कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के माता-पिता अपने बच्चों की शिक्षा पर भारी रकम खर्च करते हैं, अक्सर ऋण भी लेते हैं, लेकिन ऐसी घटनाओं ने व्यवस्था पर उनका भरोसा तोड़ दिया है। उन्होंने प्रशासन पर छात्रों और प्रभावित परिवारों के प्रति असंवेदनशीलता दिखाने का भी आरोप लगाया।
पायलट ने दावा किया कि प्रश्नपत्र लीक एक संगठित रैकेट का हिस्सा है, जिसमें भारी धनराशि का देनदेन हुआ है।
उन्होंने सवाल उठाया कि शुरुआती अनियमितताओं के संकेत मिलने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज करने में देरी क्यों हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने मामले को दबाने की कोशिश की जबकि छात्रों ने खुद इसका पर्दाफाश किया।
पायलट ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस घोटाले की नैतिक जिम्मेदारी लेकर तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी को भी देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रभावित परिवारों से संपर्क किया है और उन्हें पार्टी के समर्थन का आश्वासन दिया है।
पायलट ने चेतावनी दी कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक न्याय नहीं मिलता और दोषियों को सजा नहीं दी जाती।
भाषा बाकोलिया जोहेब
जोहेब

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