नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू उस्मानपुर इलाके में एक मकान की छत ढहने की घटना में अपने माता पिता को खोने वाले नौ वर्षीय बच्चे के पड़ोसियों ने मंगलवार को कहा कि सरकार को बालक की शिक्षा में सहायता करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसे उचित देखभाल मिले।
दरअसल, नौ वर्षीय बच्चा रविवार रात अपने दोस्तों के साथ खेलने के लिए घर से बाहर निकला था और कुछ ही पलों बाद मकान की छत ढह जाने के कारण उसके माता-पिता की मौत हो गई थी। परिवार मकान में किराए पर रहता था।
यह घटना न्यू उस्मानपुर थाना क्षेत्र के जेपी नगर में हुई। मृतकों की पहचान टिंकू (32) और उनकी पत्नी उर्मिला (30) के तौर पर हुई है।
पीड़ित के पड़ोसी मनीष कुमार ने बताया कि जब यह घटना हुई, तब वह अपने घर के बाहर बैठे थे। कुमार ने कहा, ‘मैंने नौ साल के बच्चे को अपने दोस्तों के साथ खेलने के लिए घर से बाहर जाते देखा। कुछ ही पलों बाद मकान की छत ढह गई।’
उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मी बच्चे को थाने ले गए, जहां उसे भोजन और पानी दिया गया।
कुमार ने कहा, ‘पुलिस ने तुरंत उसके परिजनों को सूचित किया। अब हमें पता चला है कि उत्तर प्रदेश में रहने वाली उसकी रिश्तेदार उसके पालन-पोषण की जिम्मेदारी उठाएंगी।’
घटना को हृदयविदारक बताते हुए कुमार ने सरकार से बच्चे की शिक्षा और भविष्य में मदद करने की अपील की।
उन्होंने कहा, ‘उसने एक ही रात में अपने माता-पिता दोनों को खो दिया है। उसके पिता हलवाई थे। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसे उचित शिक्षा मिले और एक अच्छा जीवन जीने का अवसर मिले।’
पुलिस ने बताया कि मकान मालिक वीरेंद्र कुमार के खिलाफ न्यू उस्मानपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) धारा 290(इमारतों को गिराने, मरम्मत करने या निर्माण करने आदि के संबंध में लापरवाही भरा आचरण) और 106 (1) (लापरवाही से मौत) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
भाषा नोमान देवेंद्र
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